अमर उजाला की ओर से जिले को वेंटिलेटर दिलाने की मुहिम अब जोर पकड़ने लगी है। अब इसकी गूंज जिले से निकलकर मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के दरबार तक पहुंच गई है। सत्ता पक्ष हो या विपक्ष अब सभी लोग जिले को वेंटिलेटर दिलाने की मुहिम में एक साथ खड़े हैं। सभी का कहना है कि पार्टी अपनी जगह है, लेकिन वेंटिलेटर जिले की जरूरत है। इसे हर हाल में लेकर रहेंगे।
पिछले दिनों से लगातार प्रकाशित खबरों के बाद वीरवार को भाजपा के जिलाध्यक्ष योगेंद्र पालीवाल ने स्वास्थ्य मंत्री के साथ बैठक कर जिले के लिए वेंटिलेटर की मांग रखी। वहीं कांग्रेस, इनेलो सहित अन्य राजनीतिक दलों की ओर से नागरिक अस्पताल में वेंटिलेटर के लिए सीएम को पत्र लिखा है। सभी का कहना है कि अभी उन्होंने सिर्फ पत्र लिखा है कि यदि शीघ्र ही इस पर काम नहीं हुआ तो सार्वजनिक मंच से रेवाड़ी के लिए वेंटिलेटर की मांग की जाएगी।
बहुत जरूरी है वेंटिलेटर
वेंटिलेटर आपात स्थिति में हार्ट एवं फेफड़ों को ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के लिए प्रयोग में लाई जाती है। एक्सीडेंट या फिर किसी अन्य आपात स्थिति में व्यक्ति को जीवित रखने के लिए उसे वेंटिलेटर पर रखा जाता है। ताकि उपचार तक उसे ऑक्सीजन मुहैया कराई जा सके। जानकारों के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को हेड इंजरी हो जाती है तो ऐसी स्थिति में यदि उसे वेंटिलेटर नहीं मिले तो उसकी मौत निश्चित है। नाम नहीं छापने की शर्त पर नागरिक अस्पताल के एक डॉक्टर ने बताया कि एक नहीं कई बार ऐसी स्थिति आती है जब वेंटिलेटर के अभाव में मरीज दम तोड़ देता है। क्योंकि ऐसे मरीज को रेफर करने के अलावा उनके पास कोई चारा नहीं होता। आपात स्थित में जब एक-एक सेकेंड व्यक्ति की जिंदगी के लिए अहम होते हैं। उस समय इसकी अहमियत समझ आती हे।
पार्टी भुला वेंटिलेटर के लिए मिलाया सुर में सुर
स्वास्थ्य मंत्री को अवगत कराया
अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद यह मामला संज्ञान में आया। एक बैठक के दौरान सूबे के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को व्यक्तिगत रूप से इसके लिए अवगत कराया। पत्र भी लिखा है। नागरिक अस्पताल में वेंटिलेटर नहीं होना गंभीर बात है। इसके लिए पूरे प्रयास किए जाएंगे।
-योगेंद्र पालीवाल, जिला अध्यक्ष, बीजेपी
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उपचार के लिए अधिकतर जरूरतमंद लोग ही पहुंचते हैं
नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए अधिकतर जरूरतमंद लोग ही पहुंचते हैं। नागरिक अस्पताल के साथ ट्रॉमा सेंटर में वेंटिलेटर की सुविधा न होना सरकार की आम लोगों के प्रति गंभीरता को दर्शाने के लिए पर्याप्त है। हम प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर एवं स्वास्थ्य मंत्री से रेवाड़ी में यह सुविधा जल्द से जल्द मुहैया कराने की मांग करते हैं।
-चौधरी जसवंत, वाइस प्रेसिडेंट, हरियाणा कांग्रेस
जल्द वेंटिलेटर उपलब्ध कराने की मांग
इमरजेंसी में जितनी मौतें होती हैं, उनका सबसे बड़ा कारण ट्रॉमा सेंटर में वेंटिलेटर की सुविधा नहीं होना है। पूंजीपति तो अपने उपचार के लिए बड़े निजी अस्पतालों में चले जाते हैं, लेेकिन गरीब कहां जाएं। सरकार स्वास्थ्य एवं शिक्षा की बात करती है, लेकिन हकीकत सबके सामने है। हमने मुख्यमंत्री से रेवाड़ी में जल्द से जल्द वेंटिलेटर उपलब्ध कराने की मांग की है।
-राजपाल यादव, जिलाध्यक्ष इनेलो
अधिकतर मरीज कमजोर वर्ग से
सरकारी अस्पताल में वेंटिलेटर जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं होना यह दर्शाता है कि प्रदेश की भाजपा सरकार दलितों एवं पिछड़ों की कितनी हितैषी है। सरकारी अस्पताल में पहुंचने वाले अधिकतर मरीज कमजोर वर्ग से होते हैं। इसीलिए सरकार इस ओर ध्यान नहीं देती। बीजेपी दलित एवं पिछडा़ विरोधी है। वेंटिलेटर के लिए सीएम को पत्र लिखा है। अस्पताल में यदि जल्द ही वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई तो बसपा इसके लिए आंदोलन करेगी।
-प्रीतम जांगड़ा, जिला अध्यक्ष बसपा