पहले ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे नागरिक अस्पताल से शुक्रवार को 22 डॉक्टरों का स्थानांतरण हो गया। इनकी जगह केवल पांच चिकित्सक मिले हैं। ऐसे में मरीजों की सुरक्षा अब रामभरोसे रह गई है। स्थानांतरण का सर्वाधिक असर महिला एवं प्रसूति विभाग पर पड़ा है। चार विशेषज्ञ महिला डॉक्टरों का काम अब एक विशेषज्ञ महिला डॉक्टर ही देखेंगी। दो पहले से ही अनुपस्थित चल रही हैं। स्थानांतरण के बाद अब केवल एक ही विशेषज्ञ रह गई हैं।
नागरिक अस्पताल में एक महीने में करीब 450 डिलीवरी होती हैं। इसमें 70 से ज्यादा सिजेरियन हैं। ऐसे में सरकार जननी सुरक्षा का अपना वायदा कैसे पूरा करेगी देखना होगा। नागरिक अस्पताल में 42 एमओ की पोस्ट प्रस्तावित हैं। यह हाल तक पूरी तरह से भरी थी। एक विशेषज्ञ फिजीशियन के सहारे चल रहे डिपार्टमेंट से भी एमडी डॉ. विजयपाल यादव का तबादला गुड़गांव होने के बाद अब यहां हार्ट पेशेंट के रोगियों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
सिजेरियन डिलीवरी में होगी परेशानी
महिला एवं प्रसूति विभाग में फिलहाल दो विशेषज्ञों सहित कुल आठ चिकित्सक थीं। इनमें से एक विशेषज्ञ और तीन अन्य चिकित्सकों का तबादला हो गया है। अब विभाग में एक विशेषज्ञ सहित चार डॉक्टर बची हैं। नाम नहीं छापने की शर्त पर एक डॉक्टर ने बताया कि महिला विशेषज्ञ डॉक्टर अर्चना और अन्य तीन डॉक्टर के भरोसे ही गायनी डिपार्टमेंट चल रहा है। उन्होंने बताया कि डॉ. अर्चना और अन्य तीन के जाने से डिपार्टमेंट बंद के होने के कगार पर चला जाएगा। अस्पताल में प्रतिदिन दो से तीन सिजेरियन डिलीवरी होती हैं लेकिन तबादले के बाद कैसे मैनेज होगा किसी के पास कोई जवाब नहीं है। ऐसे में यहां आने वाली गर्भवती महिलाओं के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है।
11 डॉक्टर हैं अनुपस्थित
शहर के नागरिक अस्पताल में आठ एसएमओ और 53 एमओ हैं। इसमें से 11 लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे हैं। ऐसे में 42 एमओ में से भी 22 का तबादला होने से अस्पताल प्रशासन के सामने ओपीडी का भारी दबाव सहन करना मुश्किल हो सकता है। शुक्रवार के तबादलों में गायनी डिपार्टमेंट से डॉ. अर्चना यादव, डॉ. वंदना और रेणु बाला, एसएमओ डॉ. एमएस रंगा और आरएमओ डॉ. जोगिंद्र तंवर प्रमुख हैं। डॉ. एमएस रंगा के स्थानांतरण के बाद अब अल्ट्रा सांउड के लिए एक सप्ताह की बजाय अब लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
एनस्थेटिक मिलने की अच्छी खबर
लंबे समय से एनस्थेटिक का सूखा झेल रहे नागरिक अस्पताल को एक एनेस्थेटिक डॉक्टर मिला है। प्रदेशभर में 400 से अधिक तबादलों में जिले को 22 के बदले मिले पांच डॉक्टरों में एक डाक्टर एनेस्थेटिक है। रेवाड़ी के गांव राजपुरा निवासी डॉक्टर मोनू यादव का तबादला नारनौल से रेवाड़ी बतौर एनेस्थेटिक हुआ है।
डॉक्टर में तबादले का डर
जैसे ही सुबह डॉक्टरों ने तबादलों की लिस्ट देखी तो अधिकतर डॉक्टरों ने मंत्रियों और उच्च अधिकारियों से संपर्क साधना शुरू कर दिया। जानकारी के अनुसार जल्द ही 600 डॉक्टरों की एक ओर तबादला लिस्ट जारी होनी है। ऐसे में लंबे समय से एक जगह टिके डॉक्टरों में भी तबादले को लेकर बेचैनी नजर आ रही है।
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कोट
तबादला करना सरकारी की नीति का हिस्सा है। बड़ी संख्या में डॉक्टरों के तबादले से मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं पर असर जरूर पड़ेगा। आशा है कि अगले दिनों में होने वाली लिस्ट में रेवाड़ी को और डॉक्टर मिल जाएं। - डॉॅॅ. पुष्पा बिश्रोई, सीएमओ, रेवाड़ी।
कोट
जीएच से 22 डॉक्टरों को तबादला होने से सेवाओं पर जरूर असर पड़ेगा। सबसे ज्यादा असर महिला एवं प्रसूति विभाग पर पड़ेगा। यहां से विशेषज्ञ के साथ चार डॉक्टरों का तबादला हो गया है। बावजूद इसके हमारी तरफ से मरीजों को बेहतर सुविधा देने की है। - डॉ. सुदर्शन पंवार, एसएमओ रेवाड़ी