कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली कूच करने का प्रयास कर रहे किसानों को पिछले 28 दिन से हरियाणा पुलिस ने दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित खेड़ा बार्डर रोका हुआ है, जिससे न केवल ट्रैफिक गांवों से होकर गुजर रहा है बल्कि बॉर्डर की मार्केट भी ठप्प हो गई है। इससे आसपास के ग्रामीणों में रोष पनपने लगा है। इसके विरोध में रविवार को खेड़ा बार्डर पर एक दर्जन से अधिक गांवों के लोगों ने महापंचायत कर हाईवेेे खाली करने के लिए किसानों को शाम पांच बजे तक का अल्टीमेटम दिया गया। ग्रामीणों की चेतावनी बाद राजस्थान पुलिस ने हाईवे पर बैठे किसानों की सुरक्षा के लिए भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर दिया। वहीं महापंचायत में पहुंचें भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश सचिव व बावल चौरासी के प्रधान सुमेर जैलदार ने कहा कि किसान दिल्ली जाना चाहते हैं, लेकिन हरियाणा सरकार ने हाईवे को बंद कर दिया, जिससे किसान हाईवे पर बैठे हुए। पुलिस बैरिकेड हटा देनी चाहिए ताकि किसान यहां से दिल्ली चले जाए और स्थानीय लोगों की परेशानी भी दूर हो जाए।
बता दें कि हाईवे स्थित जयसिंहपुर खेड़ा हरियाणा-राजस्थान की सीमा का बॉर्डर है। हरियाणा की सीमा में बॉर्डर के आसपास करीब 70 से ज्यादा पेट्रोल पंप है तथा 150 सेेे अधिक दुकानें है। हरियाणा पुलिस द्वारा दिल्ली कूच कर रहे किसानों को 13 दिसंबर बॉर्डर पर ही रोक दिया था, जिससेेे हाईवे पूरी तरह से बंद है। इसके बाद मालवाहक वाहनों को डायवर्ट कर दिया गया, जिसका खामियाजा पेट्रोल पंप संचालकों व दुकानदारों को ही उठाना पड़ रहा है। यहीं कारण है कि कुछ दिन से बॉर्डर पर बैठे किसानों को हटवाने के लिए पेट्रोल पंप संचालक आसपास के लोगों से मदद मांगने पहुंच रहे थे। इसी मदद के आधार पर रविवार को पंचायत बुलाई गई।
किसानों ने कहा कि सरकार पर दबाव बनाए ग्रामीण
ग्रामीणों द्वारा आयोजित की गई महापंचायत में किसान नेताओं को भी बुलाया गया। किसान नेताओं ने कहा कि ग्रामीणों को हो रही परेशानी का उन्हें भी दुख है, लेकिन हाईवे को तो हरियाणा पुलिस ने बंद किया है। इसलिए किसानों के साथ ही ग्रामीण को भी हाईवे खुलवाने के लिए पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाना चाहिए।
राजस्थान पुलिस के जवानों की बढ़ी तैनाती
अभी तक जयसिंहपुर खेड़ा बॉर्डर पर रेवाड़ी की सीमा में ही भारी पुलिस फोर्स के अलावा अर्धसैनिक बल तैनात किए गए थे, लेकिन रविवार को तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए राजस्थान पुलिस ने भी अपनी सीमा में सुरक्षा बढ़ा दी है, क्योंकि किसान राजस्थान की सीमा में शांतिपूर्ण तरीके से बैठे हुए है। आंदोलनकारी किसानों की मूलभूत सुविधा का भी ख्याल राजस्थान प्रशासन कर रहा है। ऐसे में किसी भी तरह आंदोलनकारी किसानों व आसपास के लोगों के बीच टकराव ना होने पाये, इसके लिए वहां पहले के मुकाबले सुरक्षा और ज्यादा कड़ी कर दी गई है। भिवाड़ी एसपी, एएसपी व अन्य पुलिस अधिकारी सुबह से शाम तक बॉर्डर पर ही डटे रहे।
मसानी बैराज पर बढ़ रही किसानों की संख्या
वहीं दूसरी और दिल्ली-जयपुर हाइवे स्थित मसानी बैराज पर भी किसानों का एक जत्था दिल्ली कूच करने के लिए 3 जनवरी से ही डटा हुआ है। यहां किसानों ने टेंट-तंबू सब गाडे़ हुए है। हर दिन आगामी रणनीति यहीं से तैयार की जा रही है। किसानों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यहां भी पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए भारी इंतजाम किए है।
किसान हाईवे पर शांति से बैठे हुए हैं, यहां पर बैठना मकसद नहीं है। जैसे ही हरियाणा पुलिस बैरिकेड हटाएगी किसान दिल्ली के लिए कूच कर जाएंगे। स्थानीय लोगों को रही परेशानी से हमें भी दुख है, लेकिन सभी को आकर प्रशासन पर दबाव बनाना चाहिए।
अमराराम, किसान नेता, संयुक्त किसान मोर्चा
किसान हाईवे पर बैठने नहीं आए हैं, दिल्ली कूच करना चाहते हैं। यह बात ठीक है कि स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है, ऐसे में पुलिस को बैरिकेड हटा देने चाहिए, ताकि किसान दिल्ली के लिए आगे बढ़ सकें।
- रामकिशन महलावत, नेता भारतीय किसान यूनियन, बावल