धारूहेड़ा/भिवाड़ी (रेवाड़ी)। राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-919 भिवाड़ी और धारूहेड़ा की सीमा पर हरियाणा सरकार की ओर से दो वर्ष पहले बनाए गए रैंप और जलभराव के स्थायी समाधान को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के नई दिल्ली स्थित आवास पर उच्चस्तरीय बैठक 6 जनवरी को होगी।
राजस्थान व हरियाणा की सीमा पर हो रहे जलभराव के समाधान के लिए इससे पहले नवंबर में भी गडकरी की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक हुई हुई थी। अब दूसरी बार बैठक होने जा रही है।
24 जून 2025 को राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा और हरियाणा के सीएम नायब सैनी की फोन पर वार्ता हुई थी जिसमें 16 नवंबर 2025 को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में दिल्ली में बैठक हुई थी।
इससे पहले दोनों राज्यों के अधिकारियों की चार-पांच बार उच्चस्तरीय बैठक हो चुकी है। वर्तमान में भिवाड़ी का केमिकल युक्त पानी धारूहेड़ा में प्रवेश कर रहा है जिससे लोगों को परेशानी हो रही है। ऐसे में इस बैठक से लोगों में काफी उम्मीदें है।
इन 4 बिंदुओं पर हो सकती है चर्चा
बैठक में नेशनल हाईवे 919 पर धारूहेड़ा मोड़ पर बने रैंप को खोलने और हाईवे पर बने नालों की सफाई पर बात हो सकती है। एनएचएआई कॉरिडोर के साथ मिलकर अलवर बाईपास टी पॉइंट से साहबी नदी तक करीब 6 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन डालकर स्टार्म वाटर यानी बारिश के पानी को ले जाने की योजना पर चर्चा होगी। भिवाड़ी व धारूहेड़ा क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही जलभराव की समस्या, औद्योगिक और घरेलू गंदे पानी के निस्तारण और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए रणनीतिक और समन्वित कार्य योजना की तैयारी पर विचार विमर्श हो सकता है। इसके लिए दोनों राज्यों व एनएचएआई के अधिकारियों की संयुक्त बैठक रखी गई है। मसानी बैराज से पानी का इस्तेमाल थर्मल पावर प्लांट के लिए करने की संभावना तलाशने के लिए त्रिवेणी इंजीनियरिंग के लिए परामर्श पर बात होगी।
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ये बनाई गई है योजना
धारूहेड़ा मोड़ टी पाइंट से लेकर मसानी बांध तक करीब 6.5 किमी लंबी और 6 वर्ग मीटर व्यास वाली आरसीसी की पाइप लाइन डालकर पानी को ले जाने की योजना है। इस पर लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत आएगी। वर्षा जल को टी पाइप से लेकर सारे खुर्द में करीब 25 हेक्टेयर सरकारी जमीन पर ले जाने की प्लानिंग की जा रही है। इसमें 14 किमी लंबी व 2.5 मीटर गोलाई की पाइप लाइन डाली जाएगी। सर्वे जल संसाधन विभाग की ओर से किया जा रहा है। इसके लिए 2 करोड़ स्वीकृत हो चुके हैं। वहीं 34 एमएलडी एसटीपी के शोधित पानी को फैक्टरी व नगर वन में इस्तेमाल करने के लिए प्लानिंग की जा रही है।
कैबिनेट और दोनों राज्यों के मंत्री होंगे शामिल
बैठक में भारत सरकार में केंद्रीय मंत्री वन एवं पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र यादव और सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन तथा योजना मंत्रालय एवं संस्कृति मंत्री राव इंद्रजीत सिंह सहित दोनों राज्य सरकार के मंत्री शामिल होंगे। इसमें हरियाणा सरकार में वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह, महिला एवं बाल विकास और जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी, राजस्थान सरकार में वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा और जल एवं संसाधन मंत्री सुरेश रावत सहित जिला कलेक्टर व एनएचएआई बैठक में शामिल होंगे।