बरसात के बाद जिला संक्रामक बीमारी के चपेट में आ गया है। शहर के नागरिक अस्पताल के फिजिशयन डिपार्टमेंट में प्रतिदिन 300-400 लोग ओपीडी में पहुंच रहे हैं। इसमें अधिकतर रोगी वायरल से पीड़ित हैं। संक्रामक बीमारी होने के कारण स्कूली बच्चे भी इससे अछूते नहीं है। डॉक्टरों के अनुसार प्रतिदिन करीब दस मामले चिकनगुनिया के अस्पताल पहुंच रहे हैं। अभी तक नौ मामले डेंगू के सामने आ चुके हैं। इनमें से एक रोगी की कंफर्म रिपोर्ट भी आ चुकी है।
जोड़ो में दर्द एवं तेज बुखार वायरल के लक्षण
डॉक्टरों के अनुसार जोड़ों में दर्द, बदन दर्द और गले में खरास के साथ तेज बुखार वायरल के लक्षण हैं। किसी भी व्यक्ति में इस तरह के लक्षण दिखाई देते हैं तो उन्हे स्वयं का डॉक्टर बनने की बजाय डॉक्टरी सलाह लेनी आवश्यक है। इसी के साथ अधिक पानी पीने से वायरल में फायदेमंद होगा। ठंडी चीजों से परहेज करने से भी वायरल से बचा जा सकता है। वायरल का असर पांच दिन जरूर रहता है, इसलिए दवाई लेने के बाद घबराने की आवश्यकता नहीं है।
साफ-सफाई से किया जा सकता है बचाव
बरसात के बाद वायरल की चपेट में आने से बचा जा सकता है। कूलर और अन्य जगहों में ठहरने वाले पानी को जहां भी देखें उसे निकाल देना चाहिए। इसी के साथ बच्चों को बचाने के लिए उनके हाथों को सेेनिटाइजर से साफ करना आवश्यक है। अक्टूबर माह तक डेंगू, और अन्य बीमारियों के लिए अनुकूल मौसम होता है। इस कारण जितना संभव हो सफाई पर ध्यान दें।
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कोट
नागरिक अस्पताल की तरफ से शहर के विभिन्न स्थानों के साथ गांव कालूवास और अन्य जगहों पर फोगिंग कराई जा रही है। इसी के साथ बीमारी से निपटने के लिए नागरिक अस्पताल में भी पर्याप्त व्यवस्था करवाई गई है। - डॉ. जेके सैनी, नोडल अधिकारी, नागरिक अस्पताल