स्मॉग की चपेट में आए जिले में वायु प्रदूषण स्तर बेहद खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। खतरनाक प्रदूषण को देेखते हुए डीसी ने तत्काल प्रभाव से जिले में कक्षा से एक से 12वीं तक के सभी सरकारी व निजी स्कूलों को चार और पांच नवंबर को बंद रखने के निर्देश जारी किए हैं। इतना ही नहीं बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है। वाहनों चालकों को भी अगले दो दिनों में वाहन चलाने से परहेज करने के लिए कहा गया है, ताकि वायु प्रदूषण के स्तर को कम किया जा सके। हालात इस कदर बदतर हो चुके हैं कि बीते 10 दिन में पीएम- 10 का स्तर 452 पर पहुंच गया है। ऐसे में समझा जा सकता है कि हालात कितने चिंताजनक हो चुके हैं। इतना ही नहीं पीएम- 2.5 का स्तर भी 266.76 के स्तर पर पहुंच चुका है, जो कि स्वास्थ्य के लिए खराब है। बता दें कि पीएम-10 की मात्रा 100 माइक्रोग्राम घन मीटर व पीएम-2.5 की मात्रा 60 माइक्रोग्राम घन मीटर तक ही स्वास्थ्य के लिए सही मानी जाती है।
अस्पतालों में बीते दिन में हार्ट और सांस के बढ़े 90 फीसदी मरीज
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. विजयपाल यादव ने बताया कि बीते तीन दिनों में अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों में से 90 फीसदी मरीज सांस व हार्ट की बीमारियों के हैं। स्मॉग बढ़ने से इन मरीजों में खांसी, गले में परेशानी व जुकाम की समस्या बढ़ गई है। इसके अलावा हार्ट अटैक से पहले की स्थिति वाले मरीज भी पहुंच रहे हैं। यादव का कहना है कि स्मॉग से होने वाली बीमारियों से बचने के लिए घर में ही रहना जरूरी है। इसके अलावा गरारे करना, चश्मा व मास्क का उपयोग करना चाहिए। मास्क में भी एन- 95 मास्क का प्रयोग करने से जहरीली हवा से काफी हद तक बचा जा सकता है।
-निजी वाहनों का काम से कम करें उपयोग
प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए सबसे जरूरी है कि निजी वाहनों का उपयोग कम से कम किया जाए। आने वाले दो दिन ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत है। प्रशासन की ओर से जारी सलाह में कहा गया है कि जरूरी होने पर ही वाहनों को लेकर निकलें, कोशिश करें कि अगले दो दिनों में कम से कम वाहनों का प्रयोग हो।
-बच्चों व बुजुर्गों को घर से न निकलने दें बाहर : सीएमओ
स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी जिले के लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। सीएमओ डॉ. कृष्ण कुमार ने कहा कि सांस व हार्ट के रोगियों के लिए आसमान में छाया स्मॉग जानलेवा हो सकता है। ऐसे में इस तरह के रोगियों को घर से निकलने में परहेज करना चाहिए। सीएमओ ने कहा कि जरूरी होने पर मास्क लगाकर घर से बाहर निकलें। उन्होंने बताया कि शनिवार को अस्पताल में आंखों में जलन से लेकर मन घबराने जैसी बीमारियों से पीड़ित लोग उपचार के लिए आए। आने वाले दो दिनों में आंखों की जलन के केस बढ़ हैं। सीएमओ ने कहा कि बच्चों व बुजुर्गों के लिए स्मॉग से सबसे ज्यादा हानिकारक है। ऐसे में दोनों को ही घर से बाहर नहीं जाने देना चाहिए।
-हवा में धूल व धातु के सूक्ष्म कणों को बताता है पीएम-10 व 2.5
पीएम-10 को रेस्पायरेबल पर्टिकुलेट मैटर कहते हैं। इन कणों का साइज 10 माइक्रो मीटर होता है। इससे छोटे कणों का व्यास 2.5 माइक्रोग्राम क्यूबिक मीटर या कम होता है। इसमें धूल, गर्द और धातु के सूक्ष्म कण शामिल होते हैं। इन कणों को पीएम-2.5 कहते हैं। बता दें कि पीएम-10 की मात्रा धूल, कंस्ट्रक्शन और कूड़ा जलाने से ज्यादा बढ़ती है। वहीं पटाखे आदि चलाने से भी इसके स्तर में इजाफा होता है। पीएम-10 की मात्रा 100 व पीएम-2.5 की मात्रा 60 से अधिक नहीं होनी चाहिए।
-10 दिन का हवा गुणवत्ता सूचकांक:
दिनांक पीएम-10 पीएम-2.5
25 अक्तूबर 299.61 126.22
26 अक्तूबर 257.14 120.62
27 अक्तूबर 303.16 151.65
28 अक्तूबर 335.97 186.93
29 अक्तूबर 279.46 149.38
30 अक्तूबर 300.89 144.41
31 अक्तूबर 194.04 102.81
1 नवंबर 449.22 220.46
2 नवंबर 288 140
3 नवंबर 452 266.76
-प्रर्यावरण संरक्षण के लिए सभी का सहयोग जरूरी : डीसी
डीसी यशेंद्र सिंह ने प्रदूषण और स्मॉग के चलते जिले में सभी सरकारी, निजी और सरकारी सहायता प्राप्त प्राइमरी से 12वीं तक के स्कूलों में चार व पांच नवंबर को अवकाश रहेगा। इन दिनों में लोग घर से बाहर ना निकलें और जरूरत पड़ने पर ही बाहर जाएं। अपने वाहनों को चलाने से भी बचना चाहिए, आवश्यक हो तो ही वाहन को चलाएं। डीसी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण में शासन व प्रशासन की ओर से हर स्तर पर निरन्तर प्रयास किए जा रहे हैं। आमजन को भी वायु प्रदूषण कम करने के लिए सहयोग करना चाहिए। सभी की भागीदारी से ही वायु प्रदूषण पर नियंत्रण रख पाएंगे।