रेवाड़ी। जिले में अभी तक पांच डेंगू के केस मिल चुके हैं जिस वजह से स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड पर आ चुका है। आने वाले दिनों में डेंगू के केस ना बढ़े इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। साथ ही लारवा चेकिंग अभियान भी तेज कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया है कि गर्मी के मौसम में जगह-जगह जलभराव एवं गंदगी होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है, जिससे मच्छर जनित रोग जैसे मलेरिया, डेंगू आदि के संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में घर के आस-पास एवं घर के अन्दर मच्छरों के पनपने के स्थान या घरों के आस-पास होने वाले जल जमाव, गमले एवं पशु-पक्षियों के पानी पीने के पात्र एवं घरों की छतों पर रखी अनुपयोगी वस्तुओं का समुचित निस्तारण किया जाना अति आवश्यक है। इसे देखते हुए सरकार की ओर से मच्छर जनित बीमारियों को रोकने के लिए मलेरिया रोधी माह मनाने का निर्देश दिया है। यह अभियान 30 जून तक जारी रहेगा।
मलेरिया व डेंगू से बचाव के लिए सजग व सतर्क रहने की जरूरत : सीएमओ
सीएमओ सुरेंद्र यादव ने बताया कि मलेरिया व डेंगू की पुष्टि के लिए जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में बुखार पीड़ित व्यक्तियों के चिह्नांकन की जिम्मेदारी आशा, एएनएम व आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की है। लक्षण से पीड़ित मरीजों की पहचान कर उन्हें स्वयं या सीएचसी व प्राथमिक पीएचसी भेजकर जांच की जाए। उन्होंने जन समुदाय से अपील की है कि मच्छरों से बचने के लिए पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें एवं सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें। बुखार होने पर निकट के स्वास्थ्य केंद्र पर रक्त की जांच एवं उपचार कराएं। स्वयं से कोई दवा लेकर सेवन न करें।
मलेरिया के लक्षण और बचाव
मलेरिया में तेज बुखार से ठंड लगना, उल्टी दस्त, तेज पसीना आना तथा शरीर का तापमान 100 डिग्री सेंटीग्रेड से ऊपर बढ़ जाना, सिर दर्द, शरीर में जलन तथा मलेरिया में बुखार आने पर शरीर में कमजोरी होना। मलेरिया से बचाव के लिए घर के आसपास पानी को एकत्रित न होने दे। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करे। नीम के पत्ती का धुआं करे। अपने घर के नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर रक्त की जांच अवश्य करवाने का कार्य करे। बुखार होने पर तुरंत इसकी जांच कराएं, अगर जांच में मलेरिया पाया जाता है तो पूरे 14 दिन तक गोली खाएं।
डेंगू के लक्षण और बचाव
डेंगू बीमारी की शुरुआत तेज बुखार और सिरदर्द व पीठ में दर्द से होती है। शुरू के दिनों में शरीर के जोड़ों में दर्द होता है।, आंखे लाल हो जाती है। डेंगू बुखार दो से चार दिनों तक होता है उसके बाद शरीर का तापमान धीरे-धीरे अपने आप नॉर्मल होने लगता है। बुखार के साथ ही साथ शरीर में खून की कमी होने लगती है। डेंगू से बचने के लिए मच्छरों के प्रकोप से बचना चाहिए। अपने घरों के आसपास पानी को इकठ्ठा न होने दे।