शहर के नागरिक अस्पताल में मरीजों को एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण रोगियों का जीवन में खतरे में पड़ गया है। अस्पताल में पांच माह की गर्भवती की तबीयत बहुत ज्यादा गंभीर होने के बावजूद भी एंबुलेंस नहीं मिल पा रही है। रोगियों को निजी वाहनों से अन्य अस्पताल या रोहतक पीजीआई जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इधर अधिकारियों का कहना है कि कुछ एंबुलेंस कांवड़ियों के लिए लगाई गई हैं, इससे कुछ समस्या आ रही है। सोमवार को शिवरात्रि के बाद यह समस्या नहीं आएगी।
निजी अस्पताल से किया शिफ्ट
नागरिक अस्पताल में रोगी महिला को लेकर आई राजरानी ने बताया कि शनिवार रात के समय तबीयत खराब होने के बाद वह नागरिक अस्पताल लेकर आई थी। यहां पर ज्यादा तबीयत खराब होने के बाद डॉक्टर ने उसे रैफर कर दिया गया। लेकिन दो घंटे तक एंबुलेंस को फोन किया गया, लेकिन कोई एंबुलेंस नहीं पहुंची। इसके बाद महिला को निजी वाहन से दूसरे अस्पताल में शिफ्ट किया गया। यह हालात अस्पताल में सुबह ग्यारह बजे तक देखे गए।
अस्पताल में हैं करीब नौ एंबुलेंस
नागरिक अस्पताल में नौ एंबुलेंस हैं। जो हर समय मरीजों की सेवा के लिए है। बावजूद इसके इस समय मरीजों को एंबुलेंस का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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वर्जन-
आपात स्थिति के लिए एंबुलेंस मौजूद रहती हैं। एंबुलेंस क्यों नहीं पहुंची, इसकी जांच कराई जाएगी। कुछ एंबुलेंस कांवड़ियों के लिए लगाई गई हैं।
-डॉ. जेके सैनी, डिप्टी सिविल सर्जन