रेवाड़ी। एडीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल की अध्यक्षता में 15वें राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस को लेकर बैठक का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और एनएचएम, हरियाणा आगामी 15वें डीवॉर्मिंग राउंड को संस्थान आधारित निश्चित दिन के दृष्टिकोण से लागू करने के लिए तैयार है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्त दिवस 15 फरवरी को लागू किया जाएगा और उसके बाद 20 फरवरी को मॉप-अप दिवस मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत 1-19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को कृमि मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस कार्यक्रम के तहत 1-2 वर्ष के बच्चों के लिए एल्बेंडाजोल टैबलेट की खुराक आधा टैबलेट, 3-19 वर्ष के बच्चों के लिए एक टैबलेट, प्रजनन आयु वर्ग (20-24 वर्ष) वाली महिलाओं (गैर-गर्भवती और गैर-स्तनपान कराने वाली महिलाओं ) के लिए एक टैबलेट का प्रावधान है।
एडीसी ने कहा कि सुरक्षित और लाभकारी एल्बेंडाजोल टेबलेट से कृमि मुक्ति, आंतों के कृमि संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए एक साक्ष्य-आधारित, विश्व स्तर पर स्वीकृत और प्रभावी समाधान है। इस प्रकार, राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम को जिला के सभी बच्चों और किशोरों तक पहुंचने के लिए डिजाइन किया गया है। कुछ मामलों में, बच्चों को कृमि मुक्ति के बाद मतली, हल्का पेट दर्द, उल्टी, दस्त और थकान का अनुभव हो सकता है। ये दुष्प्रभाव आमतौर पर अस्थायी होते हैं और इन्हें आसानी से प्रबंधित किया जा सकता है।