हरियाणा के रेवाड़ी में पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने कांग्रेस आलाकमान के कहने पर अपना इस्तीफा वापस ले लिया है। कैप्टन अजय सिंह यादव ने नई दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में प्रेस वार्ता करते हुए इस्तीफा वापस लेने की जानकारी दी।
कैप्टन अजय सिंह यादव ने कहा चुनाव के बाद उनके पास भाजपा से ऑफर आया था, लेकिन वह नहीं गए। अब केवल पार्टी के अनुशासन के दायरे में रहकर ही काम करेंगे। बताया कि ओबीसी को तवज्जों न मिलने की वजह से वह काफी आहत हैं। कांग्रेस को इस पर चिंतन करने की आवश्यकता है। पार्टी आलाकमान ने कहा है कि उनकी पूरी बात सुनाई जाएगी।
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कैप्टन ने कहा वे कांग्रेस में रहकर पार्टी को मजबूत करने का काम करेंगे और ओबीसी की लड़ाई लड़ते रहेंगे।बताया कि पिछले दिनों कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मिले और उन्होंने ओबीसी के विभिन्न मुद्दों पर बात भी की। बताया हमारी मुख्य मांगें जातिगत जनगणना, क्रीमीलेयर की वार्षिक आय बढ़ाना, ओबीसी के काम के लिए अलग से मंत्रालय और ओबीसी की महिलाओं को भी अलग से आरक्षण इत्यादि हैं।
हरियाणा में चुनाव को पार्टी ने हल्के में लिया: अजय
कैप्टन अजय सिंह यादव ने कहा है हरियाणा विधानसभा चुनाव को कांग्रेस पार्टी ने हल्के में लिया। कांग्रेस नेताओं के दिए गए बयानों से और हरियाणा का चुनाव जाट वर्सेस नॉन जाट का चुनाव बन गया। वहीं, ईवीएम मशीन का भी भारी गोलमाल दिखा। कहा, भाजपा ने हरियाणा में ओबीसी को काफी महत्व दिया है। साथ ही अन्य जातियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दे रखी है, जबकि कांग्रेस में न तो ओबीसी समाज और न ही पंजाबी समाज को महत्व दिया गया। पार्टी के हारने का यह भी प्रमुख कारण रहा।