रेवाड़ी। गांव मैलावास में रामलीला के मंच पर अंगद का रावण दरबार में पैर जमाने, लक्ष्मण-मेघनाद युद्ध, लक्ष्मण मूर्छा और हनुमान के संजीवनी बूटी लाने के प्रसंग का मंचन किया गया। लक्ष्मण को मूर्छित देखकर राम दल में शोक छा गया। विभीषण के बताने पर हनुमान लंका से सुषेण वैद्य को लेकर आए। वैद्य के कहने पर हनुमान जी द्रोणागिरी पर्वत से संजीवनी बूटी लाते हैं जिससे लक्ष्मण की जान बचती है।
रास्ते में हनुमान जी ने कालनेमी राक्षस का वध किया और संजीवनी से लक्ष्मण के प्राण बचाए। इन दृश्यों पर दर्शकों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए। कृष्ण कुमार ने राम, धर्मपाल ने लक्ष्मण, पूर्व प्राध्यापक भीम सिंह ने रावण, डॉ. देवीलाल ने मेघनाद, कृष्ण कुमार ने सुषेण वैद्य, नवीन ने जामवंत, उमराव ने सुग्रीव, हुक्म सिंह ने विभीषण, नवीन कुमार ने अंगद, अमित शर्मा ने कालनेमी और रवि शर्मा ने हनुमान की भूमिका निभाई।