हर्ष फायरिंग को जिले में रोकने के लिए उपायुक्त ने धारा 144 लगाते हुए 19 दिसंबर को प्रेस विज्ञप्ति से सभी समारोह स्थल संचालकों को आदेश दिये थे कि इस संबंध में समारोह स्थलों पर 5 गुणा 3 फुट के नोटिस बोर्ड लगाए जाएं। जिन पर साफ तौर पर लिखा हो कि मैरिज पैलेस, धर्मशाला, रेस्टोरेंट आदि में आयोजित होने वाले शादी, विवाह, जन्मदिन या अन्य किसी भी समारोह में अब हथियार लेकर जाने पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। नोटिस बोर्ड लगाने की आखिरी तारीख 30 दिसंबर 2016 रखी गई थी। अमर उजाला ने आदेशों की ग्राउंड रिपोर्ट जानी तो 90 फीसदी समारोह स्थलों पर आदेशों की नाफरमानी पाई गई।
सीन नंबर-1: जिमखाना क्लब को आदेश ही पता नहीं
शहर का सरकारी जिमखाना क्लब। जिमखाना क्लब में हथियारों पर पाबंदी संबंधी उपायुक्त (जो कि जिमखाना क्लब के प्रमुख अधिकारी भी होते हैं) के धारा 144 के आदेशों के नोटिस बोर्ड नहीं लगे थे। अमर उजाला संवाददाता ने जिमखाना क्लब के अधिकारी से बात की तो पता चला कि जिमखाना क्लब में अभी तक आदेश ही नहीं पहुंचे हैं।
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सीन नंबर-2: शिवम और सरस्वती गार्डन पर लगे मिले साइन बोर्ड
अमर उजाला टीम जिन मैरिज पैलेस, धर्मशाला, रेस्टोरेंट आदि में पहुंचीं उनमें से महज 10 फीसदी जगह पर ही धारा-144 की पालना संबंधी बोर्ड लगे हुए थे। इनमें से अभय सिंह चौक पर स्थित शिवम गार्डन में जहां बाहर ही फ्लैक्स लगा हुआ था। वहीं सरस्वती गार्डन में भी उपायुक्त के आदेशों की पालना संबंधी नोटिस फ्लैक्स लगे थे। संचालकों का कहना था कि आदेश आने के बाद ही इन्हें लगवा दिया गया।
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सीन नंबर-3: काका वाटिका और यादव समारोह स्थल भी बे चिंता
दिल्ली रोड स्थित काका वाटिका, यादव समारोह स्थल समेत अन्य सभी स्थलों पर उपायुक्त के हथियार पाबंदी संबंधी धारा-144 के आदेश नहीं थे। कई जगह अलग-अलग तरीके के बहाने भी निकलकर सामने आए। किसी समारोह स्थल पर कर्मचारी ने आदेश संबंधी जानकारी न होने की बात कही तो किसी ने कहा कि फ्लैक्स छपने के लिए पड़े हैं। किसी कर्मचारी ने बताया कि आदेश की जानकारी संचालकों को दी थी, लेकिन उन्होंने लगवाए नहीं। वहीं कुछ संचालकों का कहना है कि सावे अभी दूर हैं। यदि अभी फ्लेक्स लगवाते हैं तो वो खराब हो सकते हैं।
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यह है नियमावली और दंड का प्रावधान
शस्त्र अधिनियम 1959 के तहत लोगों को शस्त्र लाइसेंस उनकी निजी सुरक्षा के लिए प्रदान किए जाते हैं लेकिन हाल के केसों में गलत इस्तेमाल के चलते इन्हें रोकने के लिए आदेश जारी किए गए थे। भारतीय दंड संहिता की नियमावली 1973 के तहत धारा 144 के आदेश लोकसेवक द्वारा जारी किए जाते हैं। इसका पालन न करने पर साधारण केस में एक महीने का साधारण कारावास और दो सौ रुपये जुर्माने का प्रावधान है। वहीं ऐसा केस जिसमें धारा 144 का उल्लंघन करने पर मानव जीवन, स्वास्थ्य आदि पर खतरा उत्पन्न होता है तो वहां छह महीने तक की सजा या एक हजार रुपये तक का जुर्माना या फिर दोनों हो सकता है।
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मेरे संज्ञान में उपायुक्त महोदय के ऐसे कोई आदेश नहीं आए हैं। ऐसा हो सकता है कि आदेश हुडा के संपदा विभाग में हों। आदेशों पर जल्द से जल्द अमल करवाया जाएगा।
-आरएस चौहान, मैनेजर, जिमखाना क्लब
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मैरिज पैलेस, धर्मशाला, रेस्टोरेंट आदि में आयोजित होने वाले शादी, विवाह, जन्मदिन या अन्य किसी भी समारोह में अब हथियार लेकर जाने पर पूरी तरह पाबंदी है। जिन्होंने भी सूचना के बावजूद नोटिस बोर्ड नहीं लगवाए हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
-डॉ.यश गर्ग, उपायुक्त, जिला रेवाड़ी