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Rewari News: खोल, डहीना और बावल ब्लॉक में भूजल स्तर गिरा

Fri, 21 Mar 2025 11:42 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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फोटो: 03रेवाड़ी। खोल क्षेत्र के एक गांव में लोगों को पानी की बजत को लेकर जागरूक करते हुए जनस्
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संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। जिले में लगातार गिर रहा भूजल स्तर चिंता का विषय बन गया है। सबसे भयावह स्थिति खोल, डहीना और बावल ब्लॉक की है। भूजल स्तर गिरने से खोल खंड को डार्क जोन घोषित किया गया है। खोल व डहीना में 200 फीट तो खोल क्षेत्र में 300 फीट नीचे पानी पहुंच गया है। खोल क्षेत्र में जोहड़ व कुएं सूख गए हैं। अगर भूजल स्तर बढ़ाने की दिशा में गंभीरता से कार्य नहीं किया गया तो भविष्य में स्थिति और खराब हो सकती है।
प्रत्येक वर्ष 22 मार्च को विश्व जल दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर जल संरक्षण पर जोर दिया जाता है लेकिन धरातल पर सार्थक प्रयास नहीं किया जाता जिससे भूजल स्तर नहीं बढ़ रहा है। जिले के खोल व डहीना ब्लॉक में एक दशक में पानी 30 फीट तक नीचे जा चुका है। ग्राउंड वाटर सेल के आकड़ों के अनुसार इन दोनों ब्लॉकों में वर्ष 2013 में 46 मीटर पर पानी था, जो आज 56 मीटर से ज्यादा पर पहुंच गया है। अब यहां पानी लगभग 200 फीट नीचे पहुंच गया है। बावल ब्लॉक की स्थिति भी खराब है। खोल ब्लॉक के कई गांव ऐसे हैं जहां पर 300 फीट पर पानी मिल रहा है। कुएं व जोहड़ सूख गए हैं। हैंडपंप से पानी नहीं आ रहा है। अटल भूजल योजना के अंतर्गत खोल खंड के 18 गांवों में पीजोमीटर लगाए गए हैं, जिनसे ये पता लगता है कि पानी कितना नीचे चला गया है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए जलसंरक्षण करने की जरूरत है। ऐसा नहीं किया गया तो भविष्य में पानी के लिए तरसना पड़ सकता है।
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तालाबों का चल रहा जीर्णोद्धार : अमृत सरोवर योजना के तहत जिले में गांवों में तालाबों व जोहड़ के जीर्णोद्धार पर विशेष फोकस किया जा रहा है। खोल खंड में पीजोमीटर भी लगाए गए हैं। तालाबों का जीर्णोद्धार कर उनमें पानी भरने की योजना है ताकि भूमिगत जल स्तर को उठाया जा सके। साथ ही माइनर भी बनाई जा रही है। वहीं जिले में सोनीपत के खूबडू हेड से 600 क्यूसेक पानी जवाहरलाल नेहरू नहर में छोड़ा जा रहा है, जो शहरवासियों के पीने के लिए ही पर्याप्त होता है। जिले में नहरी पानी से सिंचाई बहुत कम होती है। धारूहेड़ा और बावल में औद्योगिक इकाइयां होने से वहां पानी की खपत बढ़ी है। खेती में भी पानी का ज्यादा इस्तेमाल होने से भूमिगत जलस्तर लगातार गिर रहा है। संवाद

खोल के 18 गांवों में लगाए गए पीजोमीटर
जिले के खोल खंड के गांव बलवाड़ी, भांडौर, चिमनावास, धामलावास, ढाणी शोभा, गोठड़ा टप्पा खोरी, खालेटा, कोलाना, कुंडल, माजरा मुस्तिल भालखी, मामड़िया आसमपुर, मामड़िया ठेठर, नांगल जमालपुर, पाड़ला, पाली, पीथड़ावास, राजियाका व शहबाजपुर इस्तमुरार में पीजोमीटर लगाए गए हैं। अटल भूजल योजना के अंतर्गत लगाए गए इन पीजोमीटर में डिजिटल तरीके से भूमिगत जलस्तर मापा जाता है। वर्तमान में खोल के पाड़ला, कोलाना व ढाणी शोभा गांव में 300 फीट तक पानी चला गया है।

जोहड़, तालाब व कुएं सूखे
जिले में भूजल स्तर गिरने से गांवों में जोहड़, तालाब व कुएं सूख गए हैं। जिले में कहीं पर भी कुएं नहीं है, जिनमें पानी हों। ऐसे में यहां पर किसान खेती के लिए भू जल का ही उपयोग करते हैं। ज्यादातर किसानों ने ट्यूबवेल का कनेक्शन लिया हुआ है। खोल, डहीना में भूजल ज्यादा नीचे जाने से ट्यूबवेल ठप भी होते जा रहे हैं। इसलिए खोल में नए ट्यूबवेल कनेक्शन पर रोक भी लगाई गई है।
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वर्जन
जल संरक्षण के लिए गांव स्तर पर कमेटी गठित की गई है। ग्रामीणों को पानी का कम उपयोग करने और पानी को बचाने के लिए प्रेरित किया जाता है। वर्तमान में स्थिति भयावह है। अगर जल संरक्षण नहीं किया गया तो आने वाले समय में स्थिति और खराब हो सकती है।- योगेंद्र परमार, जिला सलाहकार, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग रेवाड़ी।
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