रेवाड़ी। रेवाड़ी से बावल रोड पर जल्द ही हरियाली का नया नजारा देखने को मिलेगा। लोक निर्माण विभाग की बागवानी शाखा ने यहां 13 किलोमीटर तक ग्रीनबेल्ट विकसित करने की योजना तैयार की है। इस कार्य पर लगभग 22 लाख रुपये खर्च होंगे। विभाग के अनुसार टेंडर प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी।
इस पहल से जहां सड़क का सौंदर्य बढ़ेगा वहीं पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। सबसे अहम बात यह है कि रात के समय वाहनों की हेडलाइट की चमक से होने वाली परेशानी और हादसों में भी कमी आएगी।
रेवाड़ी-बावल रोड औद्योगिक क्षेत्र को जोड़ने वाली प्रमुख सड़क है। यहां दिन-रात वाहनों की लंबी कतार लगी रहती है। रोड के बीच डिवाइडर तो है लेकिन ग्रीनबेल्ट न होने के कारण वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
रात में सामने से आने वाले वाहनों की तेज रोशनी सीधे आंखों पर पड़ती है जिससे सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। कई बार यह समस्या हादसों का कारण भी बन चुकी है।
स्थानीय लोगों ने कई बार इस कमी की ओर विभाग का ध्यान खींचा। गांव डूंगरवास निवासी विवेक भाटोटिया ने इस मामले को गंभीरता से उठाया और बार-बार विभाग को पत्र लिखकर उच्च अधिकारियों तक शिकायत पहुंचाई। लगातार प्रयासों के बाद लोकनिर्माण विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय चंडीगढ़ को भेजा। अब इस योजना को स्वीकृति मिल गई है।
हरियाली बढ़ने से प्रदूषण पर भी काबू पाया जा सकेगा
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ग्रीनबेल्ट बनने से सड़क सुरक्षित होगी और हरियाली बढ़ने से प्रदूषण पर भी काबू पाया जा सकेगा। यह पहल जिले के लिए एक सकारात्मक कदम है जो लंबे समय से लोगों की मांग भी रही है।
कुल मिलाकर रेवाड़ी-बावल रोड पर विकसित होने वाली यह ग्रीनबेल्ट न केवल सड़क हादसों को रोकने में मदद करेगी बल्कि शहर और आसपास के क्षेत्र की सुंदरता भी बढ़ाएगी। लोगों को उम्मीद है कि यह परियोजना तय समय पर पूरी होगी और आने वाले दिनों में रेवाड़ी की पहचान स्वच्छ व सुरक्षित सड़क मार्गों के रूप में होगी।