संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए दिल्ली एनसीआर में फिर ग्रैप- 4 की पाबंदियां लागू हो चुकी हैं। इससे विकास कार्य फिर बाधित हो जाएंगे। हालांकि, जिले का प्रदूषण का स्तर अभी बहुत ज्यादा तो नहीं है मगर जिले के एनसीआर में होने के कारण ग्रैप-4 के नियमों का पालन जरूरी है। मंगलवार को अधिकतम प्रदूषण का स्तर 233 के आसपास दर्ज किया गया है।
दिन में धूप तो निकली, मगर प्रदूषण के कारण तपिश कम ही महसूस हुई। शाम 5 बजे के बाद प्रदूषण का असर दिखाई दिया। फिलहाल आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर और बढ़ने की संभावना है। दूसरी तरफ 3 साल में पहली बार ग्रैप 4 की दो बार पाबंदियां अधिक समय तक लागू हुई हैं। 2022 में 3 से 6 नवंबर, 2023 में 5 से 18 नवंबर तक ग्रैप चार की पाबंदियां लगी थीं। इस वर्ष 2024 में ग्रैप-4 की पाबंदियां 17 नवंबर से लगाई गई थी जो कि 7 दिसंबर तक जारी थीं। अब फिर से ग्रैप-4 की पाबंदियों को लागू कर दिया गया है। ग्रैप सिस्टम एनसीआर में तब लागू होता है जब एयर क्वालिटी खराब होने लगती है। ऐसे में सीएक्यूएम दिल्ली एनसीआर में ग्रैप को लेवल में लागू करती है। दिल्ली-एनसीआर के लिए ग्रैप को एयर क्वालिटी के चार लेवल में बांटा गया है।
नवंबर माह में हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए विभिन्न सरकारी कार्यालयों, औद्योगिक इकाइयों और निजी संपत्तियों के मालिकों पर कुल 30 लाख से अधिक का जुर्माना लगाया गया था। 50 डीजी सेट (जनरेटर) भी सील किए थे। साथ ही 6 कंपनियों को सील करने के लिए पत्र उच्च अधिकारियों को भेजा गया था। नगर परिषद की तरफ से की गई कार्रवाई की बात करें तो खुले में कूड़ा जलाने, कंस्ट्रक्शन साइट पर तथा होटल में ढाबों पर लकड़ी व कोयला जलाने वालों के अभी तक 100 से अधिक चालान किए गए थे। 2 लाख से अधिक का जुर्माना लगाया था।
इन कार्यों पर लगी पाबंदी
ग्रैप-4 के कारण जिला में कंस्ट्रक्शन एवं डेमोलिशन से संबंधित सभी प्रकार की गतिविधियों के अलावा बोरिंग, ड्रिलिंग, मिट्टी खुदाई और भराई, ओपन ट्रेंच सिस्टम द्वारा सीवर लाइन, पानी की लाइन, ड्रेनेज और इलेक्ट्रिक केबलिंग आदि बिछाना, ईंट व चिनाई के कार्य, पेंटिंग, पॉलिशिंग और वार्निशिंग कार्य, टाइल्स, पत्थरों और अन्य फ़्लोरिंग सामग्री की कटिंग, सड़क निर्माण गतिविधियां और मरम्मत, परियोजना स्थलों के भीतर व बाहर ईंटें, रेत, कंकड़, पत्थर आदि जैसी धूल पैदा करने वाली सामग्रियों का स्थानांतरण, लोडिंग व अनलोडिंग, कच्ची सड़कों पर निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहनों की आवाजाही पर पाबंदी है।
वर्जन:
लोगों से अपील है कि कूड़ा आदि ना जलाएं, इससे हवा प्रदूषित होती है। प्रदूषण को रोकने के लिए सभी लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। प्रदूषण को रोकने के लिए लोगों को मिलकर कार्य करना होगा।-हरीश, आरओ, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड रेवाड़ी।
पिछले दिनों का प्रदूषण का स्तर:
17 दिसंबर 233
16 दिसंबर 232
15 दिसंबर 181
14 दिसंबर 90
13 दिसंबर100
12 दिसंबर106
11 दिसंबर 79
10 दिसंबर 99