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कड़ी सुरक्षा के बीच 30 परीक्षा केंद्रों पर 7280 अभ्यार्थियों ने दी ग्राम सचिव की परीक्षा

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कड़ी सुरक्षा के बीच रविवार को जिला के 30 परीक्षा केंद्रों पर ग्राम सचिव की परीक्षा दो सत्रों में आयोजित हुई। सुबह के सत्र में 5855 में से जहां 3623 अभ्यर्थी शामिल हुए। वहीं शाम के सत्र में 5855 में से 3657 अभ्यर्थी शामिल हुए। दोनों सत्रों में कुल 7280 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। दोनों सत्रों में 4 हजार से अधिक अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।
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बता दें कि कड़ाके की सर्दी पड़ने तथा किसान आंदोलन के चलते रास्ते बंद होने के कारण दूसरे जिलों के अभ्यर्थियों को आने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। जिसके चलते दूसरे दिन भी अभ्यर्थियों की उपस्थिति कम रही। दोनों सत्रों 4 हजार से अधिक अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। महिला व दिव्यांग अभ्यर्थियों को गृह जिला में ही परीक्षा केंद्र मिलने से ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। वहीं पुरुष अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्र आसपास के जिलों में बनाए गए थे।
सुबह रहे 2232 अभ्यर्थी अनुपस्थित
सुबह के सत्र में ग्राम सचिव की परीक्षा के लिए कुल 5515 में से 2232 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। जबकि शाम के सत्र में 5855 में से 2189 अभ्यर्थियों अनुपस्थित रहे। जिला प्रशासन की ओर से नियुक्त किए गए 16 ड्यूटी मजिस्ट्रेटों ने समय-समय पर परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वहीं सुरक्षा के मद्देनजर परीक्षा केंद्रों पर रैपिड एक्शन फोर्स तैनात रही। वहीं परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 144 लागू होने के चलते फोटो स्टेट की दुकानें भी बंद रही।
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जांच के बाद मिला अभ्यर्थियों को प्रवेश
अभ्यर्थियों की पूरी जांच पड़ताल करने के बाद ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया। इस दौरान परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार पर मेटल डिटेक्टर से तलाशी लेने तथा बायोमेट्रिक डाटा कैप्चरिंग के बाद ही परीक्षा कक्ष में प्रवेश करने दिया गया। बायोमेट्रिक मशीन से जांच के दौरान प्रवेश पत्र में लगाए फोटो के साथ अभ्यर्थी का मिलान किया गया। वहीं आवेदन के दौरान लगाए गए फोटो और बायोमेट्रिक से जांच के दौरान मिलान नहीं होने से कुछ अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बाहरी अभ्यर्थियों को हुई परेशानी
परीक्षा केंद्र के मुख्यद्वार पर अभ्यर्थियों के हाथ में बंधी डोर, नोज पिन, कड़े, कंगन, कानों में बालियां, पाजेब, अंगूठी आदि पहनकर आने वालों को वापस लौटाया गया। हालांकि ज्यादातर अभ्यर्थी स्थानीय होने तथा स्वजन साथ होने के कारण ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
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