रेवाड़ी। जिले के सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में खेल सुविधाएं बढ़ाने के लिए 98 लाख रुपये का बजट मंजूर किया गया है। इससे न सिर्फ खेल मैदानों की दशा सुधरेगी बल्कि खेल उपकरण भी खरीदे जाएंगे। खेल मैदानों के विकास के लिए एक-एक लाख रुपये की ग्रांट दी जाएगी।
ग्रांट से स्कूलों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों को अभ्यास के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
अब तक कई सरकारी विद्यालयों में खेल सामग्री की कमी के कारण विद्यार्थियों को अभ्यास करने में परेशानी होती थी। वहीं, कुछ स्कूलों में खेल मैदानों को बेहतर बनाने की जरूरत भी महसूस की जा रही थी। ऐसे में बजट मिलने से विद्यालय अपनी आवश्यकताओं के अनुसार खेल सुविधाओं को बेहतर बना सकेंगे।
फुटबॉल, वॉलीबॉल, क्रिकेट किट, बैडमिंटन और एथलेटिक्स सहित विभिन्न खेलों के उपकरण खरीदे जा सकेंगे। इसके अलावा खेल मैदानों को समतल करने और उनके विकास पर भी निर्धारित नियमों के अनुसार राशि खर्च की जा सकेगी।
विद्यालयों को ग्रांट की राशि स्वीकृत बजट के दायरे में ही खर्च करनी होगी। इसके लिए सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। विभाग की ओर से बजट के उपयोग को लेकर मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी जारी की जाएगी।
इसमें खेल सामग्री की खरीद और राशि खर्च करने से संबंधित दिशा-निर्देश स्पष्ट किए जाएंगे। सभी विद्यालयों को इन्हीं निर्देशों के अनुसार बजट का उपयोग करना होगा, ताकि खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
31 मार्च तक खर्च करनी होगी राशि
यह बजट वार्षिक योजना के तहत स्वीकृत किया गया है। इसलिए विद्यालय निर्धारित बजट से अधिक खर्च नहीं कर सकेंगे। सभी संबंधित स्कूलों को 31 मार्च 2027 तक राशि का उपयोग करना होगा। शिक्षा विभाग की ओर से बीईओ के माध्यम से विद्यालय मुखियाओं को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। बजट का सही उपयोग होने से विद्यार्थियों को स्कूल स्तर पर बेहतर अभ्यास का अवसर मिलेगा। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और प्रतियोगिताओं की तैयारी में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
वर्जन:
मुख्यालय की ओर से जिस मद के लिए बजट जारी किया जाएगा, उसी के अनुरूप राशि खर्च की जाएगी। इस संबंध में बीईओ के माध्यम से सभी विद्यालय मुखियाओं को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।-राजेंद्र शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी, रेवाड़ी