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Rewari News: मंडियों में नहीं शुरू हो सकी सरसों की सरकारी खरीद

Tue, 18 Mar 2025 12:28 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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फोटो : 28रेवाड़ी अनाज मंडी में कार्य करते श्रमिक। संवाद - फोटो : kathua news
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संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। अनाज मंडियों में सोमवार को भी सरसों की एमएसपी दर पर सरकारी खरीद शुरू नहीं हो पाई। सरसों में 8 से 20 प्रतिशत की नमी होने के कारण खरीद नहीं की गई। अधिकारियों ने किसानों से सरसों को सुखाकर लाने की अपील की है।
सोमवार को 3 से 4 किसानों के टोकन काटे गए, लेकिन सरसों में नमी की मात्रा ज्यादा होने के चलते सभी के टोकन रिजेक्ट कर दिए। इससे किसानों को वापिस घर लौटना पड़ा। सरसों की खरीद हैफेड की ओर से न्यूनतम समर्थन मूल्य 5950 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से की जाएगी। नई अनाज मंडी में करीब दो सप्ताह से सरसों की आवक हो रही है। फिलहाल अभी किसान कटाई के कार्य में जुटे हुए हैं। किसान अनाज मंडी में अब तक 6200 क्विंटल से अधिक सरसों आढ़तियों को ओपन में बेच चुके हैं। अनाजमंडी में सरसों का भाव 5400 से 6000 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा है। इसके अलावा एक अप्रैल से गेहूं की 2425 प्रति क्विंटल एमएसपी पर सरकारी खरीद की जाएगी।
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हैफेड डीएम प्रवीण शर्मा का कहना है हमारी खरीद के लिए पूरी तैयारी है। अभी बरसात से सरसों भीग गई है। इसलिए अभी नमी भी अधिक है। इसलिए किसान बिक्री करने में जल्दबाजी न करें। किसान अपनी सरसों की फसल को सुखाकर और साफ करके लाएं, ताकि उनको बिक्री के लिए मंडी में किसी प्रकार की दिक्कत न उठानी पड़े। सरसों में नमी की मात्रा 8 प्रतिशत से कम होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरसों की खरीद निर्धारित मानकों से ही की जाएगी। हैफेड की ओर से नैफेड के लिए मार्केटिंग सोसाइटी के माध्यम से सरसों की खरीद की जा रही है।
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एक दिन में एक किसान 25 क्विंटल सरसों बेच सकेगा
किसानों के लिए परेशानी का एक कारण ये भी है कि एक दिन में एक किसान केवल 25 क्विंटल सरसों ही बिक्री कर सकते हैं। किसानों को गेट पास 25 क्विंटल सरसों का ही जारी होगा। गेट पास कटवाने के लिए किसानों को फसल पंजीकरण कागज, पंजीकृत किसान का आधार कार्ड, बैंक की कॉपी की एक-एक कॉपी लेकर आनी होगी। अब अगर कोई किसान तय मात्रा से ज्यादा सरसों लेकर आ गया तो बाकी सरसों अगले दिन या फिर दूसरी जगह ही बिक्री करनी पड़ेगी। वहीं सरसों की सरकारी समर्थन मूल्य पर बिक्री के लिए मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण जरूरी है। इस बार लगभग 55 हजार किसानों ने 1.73 लाख एकड़ भूमि पर सरसों की फसल का पोर्टल पर पंजीकरण कराया है।
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