संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। हर वर्ष 3 जून को विश्व साइकिल दिवस मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य लोगों को साइकिल के महत्व के प्रति जागरूक करना और स्वास्थ्य, पर्यावरण और सतत विकास में भूमिका को रेखांकित करना है।
वर्तमान में जहां मोटर वाहनों का उपयोग लगातार बढ़ रहा है वहीं साइकिल एक ऐसा साधन है जो न केवल प्रदूषण मुक्त परिवहन का विकल्प प्रदान करता है बल्कि लोगों को स्वस्थ और सक्रिय जीवन जीने के लिए भी प्रेरित करता है। रेवाड़ी में भी कई लोग अपने दैनिक जीवन में साइकिल को प्राथमिकता दे रहे हैं।
लोगों का मानना है कि साइकिल केवल एक परिवहन साधन नहीं बल्कि स्वस्थ जीवन, आर्थिक बचत और पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी माध्यम है। विश्व साइकिल दिवस पर ऐसे लोग समाज के लिए प्रेरणा बनकर उभर रहे हैं।
कृषि अधिकारी डॉ. मनोज वर्मा ने बताया कि उन्होंने फरवरी 2025 से नियमित रूप से साइकिल चलाना शुरू किया। मुख्य उद्देश्य कार्बन उत्सर्जन कम करना और पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान देना है। दैनिक आवागमन के लिए कार या बाइक की बजाय साइकिल का उपयोग करने से न केवल प्रदूषण कम होता है बल्कि स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है।
साइकिल तनावमुक्त जीवन जीने का एक प्रभावी माध्यम है। उनका मानना है कि यदि अधिक लोग छोटी दूरी के लिए साइकिल का उपयोग करें तो शहरों में प्रदूषण कम करने में बड़ी मदद मिल सकती है।
68 वर्ष की उम्र में भी साइकिल चला रहे रमेश मुदगिल
नई आबादी निवासी 68 वर्षीय रमेश मुदगिल आज भी अपने दैनिक जीवन में साइकिल का नियमित उपयोग करते हैं। उनका कहना है कि साइकिल चलाना किसी योग से कम नहीं है। नियमित साइकिल चलाने के कारण बढ़ती उम्र में भी उनके पैरों के जोड़ों में दर्द नहीं रहता और शरीर सक्रिय बना रहता है। उन्होंने कहा कि साइकिल स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायक साधन है, लेकिन आज का युवा इससे दूर होता जा रहा है। रमेश मुदगिल ने युवाओं से अपील की है कि वे साइकिल को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं।
साइकिल चलाते कृषि अधिकारी डॉ. मनोज वर्मा। संवाद