फोटो :04: सोनीपत के जीवीएम कन्या महाविद्यालय में आयोजित व्याख्यान में शामिल छात्राएं। स्रोत महा
सोनीपत। मनोज वेणुनाथन ने कहा कि छात्राओं को विश्लेषणात्मक और तार्किक सोच विकसित करनी चाहिए। कार्यस्थल और पेशेवर जीवन में समस्याओं के समाधान के लिए व्यवस्थित एवं चरणबद्ध सोच बहुत आवश्यक है।
वह शुक्रवार को जीवीएम कन्या महाविद्यालय के कंप्यूटर विज्ञान विभाग की तरफ से पांच चरणीय समस्या समाधान प्रक्रिया विषय पर आयोजित विशेष व्याख्यान में बोल रहे थे। इसमें बीसीए एवं बीएससी कंप्यूटर विज्ञान की छात्राओं ने भाग लिया।
छात्राओं को पांच चरणों में समस्या समाधान प्रक्रिया समझाई गई। मनोज वेणुनाथन ने कहा कि छात्राओं को समस्या को स्पष्ट रूप से समझना और परिभाषित करना चाहिए। साथ ही आवश्यक तथ्यों और जानकारी की समीक्षा करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि संभावित जोखिमों को पहचानना, आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था करना और समाधान का दूसरों पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन करना चाहिए।
संस्था के प्रधान डॉ. ओपी परुथी और प्राचार्य डॉ. मंजुला स्पाह ने आयोजन को शैक्षणिक दृष्टि से अत्यंत उपयोगी बताया। डॉ. मंजुला स्पाह ने कहा कि यह व्याख्यान छात्राओं को भावनात्मक प्रतिक्रिया के बजाय तार्किक एवं समाधान केंद्रित सोच अपनाने के लिए प्रेरित करता है।
उन्होंने कहा कि ऐसी सोच छात्राओं के शैक्षणिक जीवन के साथ-साथ उनके भविष्य के पेशेवर जीवन में भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। इस दौरान कंप्यूटर विज्ञान विभागाध्यक्ष राकेश जुनेजा, प्राध्यापिका मीनू सुखीजा, प्रीति, अंशु, मोनिका नरवाल, रितु और पारूल उपस्थित रहीं।