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मूर्ति विसर्जन के साथ गणेश महोत्सव का समापन

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रेवाड़ी। जिलेभर में शुक्रवार को गणेश महोत्सव के समापन पर सुबह से ही श्रद्धालुओं ने नहर व अलग-अलग जगहों पर मूर्ति का विसर्जन किया। श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और भक्ति के साथ गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आना आदि के जयकारे लगाए। वहीं नहर में मूर्ति विसर्जन को लेकर प्रशासन की सख्ती के चलते दिल्ली रोड स्थित जवाहर लाल नेहरू नहर पर पुलिस का कड़ा पहरा था, लेकिन तुर्कियावास रोड पर नहर में कई जगहों से आए श्रद्धालुओं ने मूर्ति को विसर्जित किया।
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कई जगह पर तो लोगों ने अपनी व्यवस्था के अनुसार गड्ढा खोदकर उसमें पानी भरकर मूर्ति को विसर्जित किया। इससे प्रशासन द्वारा नहर में मूर्तियों के विसर्जन नहीं करने की अपील और दावे भी फेल साबित हुए। बताया जा रहा है कि जिन कर्मचारियों की नहर पर ड्यूटी लगाई गई थी वो नहर के पास ही ताश खेलते हुए नजर आए।
बता दें कि 31 अगस्त को गणेश महोत्सव की शुरूआत हुई थी। मूर्ति विसर्जन के साथ शुक्रवार को समापन हो गया। समापन से पूर्व रात को बास सिताबराय मोहल्ले में सुंदर-सुंदर झांकियां प्रस्तुत की गईं। समापन अवसर पर लोग बैंडबाजों की धुन पर गुलाल-अबीर खेलते हुए मूर्ति विसर्जन के लिए नहर पर पहुंचे। तुर्कियावास रोड स्थित नहर पर सबसे ज्यादा मूर्ति विसर्जन किया। मूर्ति विसर्जन से पहले शहर में अलग-अलग जगह शोभा यात्रा के रूप में गणपति बप्पा की मूर्ति को लेकर जाया गया। उसके बाद नहर में विसर्जन किया गया। श्रद्धालुओं में भारी संख्या में महिलाएं व बच्चे भी शामिल थे। दस दिवसीय महोत्सव को मनाने को लेकर लोगों में भारी जोश देखा गया। शहर भर में 100 से अधिक जगह पर श्रद्धालुओं ने मूर्तियों स्थापित की थीं।
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इस दौरान लोगों ने जागरण व भंडारे भी किए। नहर में मूर्ति विसर्जन पर बैन पिछले कई सालों से श्रद्धालु गणेश की प्रतिमा को नहरों में विसर्जित करते आ रहे थे। हर बार नहरों में गंदगी काफी बढ़ जाती है। मूर्ति विसर्जन करते समय हादसे भी हुए हैं। पानी भी गंदा हो जाता था, जिसे साफ करने में जनस्वास्थ्य विभाग को अतिरिक्त मेहनत व खर्चा करना पड़ता था।
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