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Rewari News: जैनाबाद-डहीना रेलवे फाटक की जीएडी मंजूर

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रेवाड़ी। जैनाबाद-डहीना रेलवे फाटक की जीएडी (सामान्य व्यवस्था आरेख) को उत्तर पश्चिम रेलवे ने मंजूर कर दिया है। जीएडी मंजूर होने के बाद रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ लाइन पर स्थित डहीना रेलवे फाटक पर बनने वाले ओवरब्रिज की राह में अब किसी भी तरह की बाधा शेष नहीं बची है। रेलवे बोर्ड की ओर से इस कार्य को पिंक बुक अथवा वर्क प्रोग्राम जनवरी में ही शामिल कर लिया गया था। वर्क प्रोग्राम में इस प्रोजेक्ट के शामिल होने से यह निश्चित हो गया कि रेलवे द्वारा यहां पर ओवरब्रिज बनाया ही जाएगा। इस ओवरब्रिज को उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक ने पिछले साल फरवरी में ही मंजूरी दे दी थी, वहीं मंडल प्रबंधक कार्यालय बीकानेर की ओर से ओवरब्रिज की फाइल को रेलवे बोर्ड के पास भेज दिया गया था। उत्तर पश्चिम रेलवे के बीकानेर डिवीजन की गति शक्ति यूनिट की और से यह कार्य देखा जाएगा।
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डेढ़ लाख से अधिक है यातायात घनत्व
रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ रेलवे लाइन फाटक संख्या-78 पर ओवरब्रिज बनाने की मांग उठाई जा रही थी। वर्ष 2018 में रेलवे की और से भी इस फाटक पर यातायात घनत्व की जांच की गई थी। सितंबर 2018 में कराए गए सर्वेक्षण में सामने आया था कि इस लाइन पर यातायात घनत्व 1,51,678 है। वहीं अब तो यह और भी अधिक हो गया है। रेलवे के नियमानुसार एक लाख से अधिक यातायात घनत्व वाले फाटकों पर आरओबी अथवा आरयूबी बनाया जाता है। फाटक के कारण परेशानी झेल रहे क्षेत्र के लोग रेलवे अधिकारियों के पास ओवरब्रिज के लिए लगातार पत्राचार कर रहे थे।
शहर के विकास नगर निवासी डॉ. विवेक भाटोटिया की ओर से रेलवे से इस फाटक पर ओवरब्रिज बनाने लेकर क्या कुछ कार्रवाई चल रही इस बाबत जानकारी मांगी गई थी। उनकी आरटीआई के जवाब में रेलवे तरफ से बताया गया कि उत्तर पश्चिम रेलवे महाप्रबंधक द्वारा इस फाटक पर ओवरब्रिज बनाने कार्य की अनुमति दी जा चुकी है व मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय बीकानेर द्वारा इस कार्य का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड के पास भेज दिया गया है। वित्त वर्ष 2022-23 में फाटक पर ओवरब्रिज को वर्क प्रोग्राम में शामिल किया जाएगा। हालांकि पिछले साल तो इसे वर्क प्रोग्राम में शामिल नहीं किया गया लेकिन इस साल यह वर्क प्रोग्राम में भी शामिल हो गया और जीएडी भी मंजूर हो गई है। डॉ. विवेक भाटोटिया को रेलवे की ओर से जीएडी मंजूरी की जानकारी दी गई है।
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अब मिलेगा बजट
रेलवे की पिंक बुक में शामिल करने और जीएडी मंजूर होने के बाद किसी प्रोजेक्ट के लिए बजट मिलता है। अब रेलवे की तरफ से इस प्रोजेक्ट के लिए बजट निर्धारित किया जाएगा।
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