बढ़नी। भारत की जनगणना का कार्य मई 2026 में संचालित किया जाएगा। इस दौरान अधिकृत कर्मचारी घर-घर पहुंचकर परिवारों से सामान्य जानकारियां एकत्र करेंगे। जनगणना के दौरान भवन की स्थिति, परिवार के सदस्यों की संख्या, मुखिया का नाम, बिजली-पानी, शौचालय, गैस कनेक्शन, वाहन, खाद्य उपयोग और मोबाइल नंबर जैसी सूचनाएं ली जाएंगी।
प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की कि जनगणना कर्मियों को सही जानकारी दें, लेकिन सतर्कता भी बरतें। अधिकारियों की ओर से आधार कार्ड नंबर, पैन कार्ड नंबर, बैंक खाता संबंधी जानकारी या किसी प्रकार का ओटीपी नहीं मांगा जाएगा। जनगणना 2027 दो चरणों में होगी। पहले चरण में हाउस लिस्टिंग व हाउसिंग जनगणना अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच कराई जाएगी, जबकि दूसरे चरण में जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में प्रस्तावित है। इस दौरान नागरिकों को सेल्फ एन्यूमरेशन की सुविधा भी दी जाएगी।
उप जिलाधिकारी शोहरतगढ़ विवेकानंद मिश्र ने बताया कि प्रथम चरण में 22-23 मई से हाउस लिस्टिंग का कार्य आरंभ कर दिया जाएगा तथा अन्य कार्य शासनादेश के तहत सुचारू रूप से पूरा किया जाएगा।