नेताजी सुभाष संगठन हरियाणा स्टेट जिला रेवाड़ी के कार्यकर्ताओं ने गलत तरीके से स्वतंत्रता सेनानी दर्जा देने को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने वीरवार को जुलूस के रूप में लघु सचिवालय गेट पर विरोध प्रदर्शन किया। संगठन के प्रदेशाध्यक्ष सुमेर सिंह सांगवान ने जिला उपायुक्त डा. यश गर्ग के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने सरकार के फैसले के खिलाफ रोष प्रकट किया।
प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा। सरकार किसी को भी सम्मान दे चाहे तो इन आंदोलनकारियों को मंत्री बना दे, भारत रत्न दे, हमें कोई एतराज नहीं है लेकिन स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा देना हमें कतई बर्दाश्त नहीं है। संवैधानिक तौर पर स्वतंत्रता संग्राम की लड़ाई लड़ने वालों को स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा दिया गया था। सरकार अब जो 1957-66 हिंदी आंदोलनकारियों एवं 1975-76 सत्ता के लिए संघर्ष करने वाले कौन से स्वतंत्रता संग्राम की लड़ाई लड़ी है।
एक प्रकार से सत्ता के बदलाव का आंदोलन कहना उचित होगा, सक्रिय योगदान करते हुए जो नेता, कार्यकर्ता जेलों में गए थे, उन्हें स्वतंत्रता सेनानियों का दर्जा दिया जाना भाजपा सरकार की ओछी मानसिकता दर्शाता है। प्रदर्शन करने वालों में प्रदेश महासचिव उमेद यादव, शर्मिला देवी, प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह, संतरा देवी, राकेश देवी, अनामिका, सरोज, सुरेश यादव, बाबू लाल, राजेंद्र खोला, सोमदत बीकानेर, राज बहादुर, हंसराज, भोम सिंह, मीर सिंह, धर्मवीर यादव, जगदीश, मामचंद, रणवीर सिंह, यादराम, सुभाष, बिशम्बर दयाल, ओमप्रकाश बनवारी लाल आदि शामिल थे।