रेवाड़ी। शहर में पुराने एनएच-11 के बावल चौक से रणबीर सिंह हुड्डा चौक तक 1500 मीटर लंबी सड़क को फोरलेन बनाने में आ रही बाधा अब दूर होने की उम्मीद है। यह कार्य छह साल से अटका हुआ है। सड़क के चौड़ीकरण में बाधा बने 110 पेड़ों काटने के लिए लोक निर्माण विभाग को वन विभाग की अनुमति का इंतजार है। इसी माह पेड़ कटाई की अनुमति मिलने की उम्मीद है। इसके बाद सड़क निर्माण का काम शुरू होगा।
लोक निर्माण विभाग ने सितंबर के अंत तक सड़क निर्माण शुरू करने की तैयारी की है। पुराने एनएच-11 पर रणबीर सिंह हुड्डा चौक से नारनौल रोड स्थित हरीनगर बाईपास तक करीब साढ़े छह किलोमीटर हिस्सा है। इसमें बावल चौक से रणबीर सिंह हुड्डा चौक के बीच सड़क की स्थिति सबसे खराब है।
सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बने हैं और जलभराव की समस्या भी बनी रहती है। बारिश के दौरान स्थिति और खराब हो जाती है। इससे वाहन चालकों के साथ आसपास के दुकानदारों और स्थानीय लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ती है।
सड़क निर्माण के लिए 110 पेड़ों को हटाया जाना है। इसके लिए पीडब्ल्यूडी ने वन विभाग से अनुमति मांगी है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इसी माह एनओसी मिल जाएगी। पेड़ों की भरपाई के लिए झाबुआ गांव में पौधरोपण किया जाएगा।
परियोजना की लागत 22 करोड़ रुपये पहुंची
यह सड़क पहले एनएचएआई के अधीन थी। आउटर बाईपास बनने के बाद सड़क की जिम्मेदारी को लेकर एनएचएआई और लोक निर्माण विभाग के बीच स्थिति स्पष्ट होने में समय लगा। बाद में एनएचएआई ने सड़क निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी को करीब 15.50 करोड़ रुपये जारी किए। इसके बाद रणबीर सिंह हुड्डा चौक से बावल चौक तक सड़क को फोरलेन करने का निर्णय लिया गया। इससे परियोजना की लागत बढ़कर करीब 22 करोड़ रुपये हो गई। संशोधित लागत मंजूर होने के बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी कर वर्क ऑर्डर भी जारी किया गया, लेकिन मानसून शुरू होने के कारण काम आगे नहीं बढ़ सका।
थिन व्हाइट टॉपिंग से बनेगी सड़क
सड़क का निर्माण पहली बार थिन व्हाइट टॉपिंग तकनीक से किया जाएगा। विभाग के अनुसार, इससे सड़क की मजबूती बढ़ेगी और इसकी आयु 25 वर्ष से अधिक रह सकती है। फोरलेन बनने के बाद शहर के इस व्यस्त मार्ग पर यातायात सुगम होने और जलभराव की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
वर्जन
बावल चौक से रणबीर सिंह हुड्डा चौक तक करीब 1500 मीटर सड़क को फोरलेन बनाने की तैयारी है। वन विभाग की एनओसी मिलने के बाद पेड़ों की कटाई कराई जाएगी। इसके बाद सड़क का चौड़ीकरण शुरू होगा।-सत्येंद्र, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी
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