लार्वा की जांच करते कर्मचारी। संवाद
रेवाड़ी। जिले में इस माह डेंगू के सिर्फ चार मामले सामने आए हैं। जिले में अब तक डेंगू के 54 मरीज मिल चुके हैं। मच्छरों की रोकथाम के लिए फॉगिंग पर जोर देने से मामलों में कमी आई है।
डीसी अभिषेक मीणा ने नागरिकों से अपील की है कि वे डेंगू समेत अन्य मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग के सुझावों का पालन करते हुए सावधानी बरतें। उन्होंने कहा कि डेंगू की रोकथाम का सबसे प्रभावी तरीका मच्छरों के प्रजनन को रोकना और उनके पनपने के स्थानों को खत्म करना है। इसके लिए आमजन की भागीदारी जरूरी है।
डीसी ने कहा कि घर से बाहर निकलते समय पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें और जरूरत के अनुसार मच्छरदानी व मच्छर भगाने वाले साधनों का इस्तेमाल करें।
डेंगू फैलाने वाले मच्छर दिन में सक्रिय रहता है, इसलिए दिन के समय भी सावधानी बरतना जरूरी है। घरों, कार्यालयों और आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर, गमलों, पुराने टायरों, छतों पर रखे बर्तनों और पानी की टंकियों की नियमित सफाई करें।
उन्होंने कहा कि बुखार, तेज सिरदर्द, शरीर में दर्द, आंखों के पीछे दर्द, जी मिचलाने या त्वचा पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई देने पर खुद दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लें।