रेवाड़ी। जिले के सरकारी स्कूलों की छात्राओं की सेहत सुधारने के लिए एक अप्रैल से मुख्यमंत्री दूध उपहार योजना शुरू की जाएगी। इसके तहत तहत कक्षा 9वीं से 12वीं तक की छात्राओं को सप्ताह में चार दिन फोर्टिफाइड फ्लेवर्ड दूध और दो दिन प्रोटीन युक्त मिल्क बार वितरित किए जाएंगे।
वर्ष भर में 150 दिन यह पोषण आहार दिया जाएगा जिसमें 75 दिन दूध और 75 दिन मिल्क बार शामिल हैं। अब तक यह सुविधा केवल कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को मिड-डे मील के साथ दी जाती थी लेकिन अब इसे बढ़ाकर किशोरियों तक भी पहुंचाया गया है।
योजना का उद्देश्य छात्राओं में कुपोषण को दूर कर उनके शारीरिक विकास को बेहतर बनाना है। योजना के क्रियान्वयन के लिए विभाग ने वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2025-26 के नामांकन के आधार पर डिमांड तैयार की है।
कक्षा 8वीं के नामांकन को 9वीं, 9वीं को 10वीं और 11वीं को 12वीं कक्षा की संभावित संख्या के रूप में शामिल किया गया है। वहीं विद्यालयवार और कक्षावार डिमांड की एक्सेल शीट जिला शिक्षा अधिकारियों को भेज दी गई है।
साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 16 मार्च तक सत्यापन कर हस्ताक्षर सहित रिपोर्ट ई-मेल के माध्यम से विभाग को भेजें। यदि किसी विद्यालय की मांग में बदलाव हो तो उसे स्पष्ट रूप से अंकित करना अनिवार्य होगा।
11वीं से संबंधित कुछ डिमांड रोकी
10वीं कक्षा का परिणाम लंबित होने के कारण 11वीं से संबंधित कुछ डिमांड फिलहाल रोकी गई है, जिसे परिणाम घोषित होने के बाद अंतिम रूप दिया जाएगा। जिले में कुल 638 मिड-डे मील केंद्र संचालित हैं। पहले कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को ही दोपहर का भोजन मिलता था, लेकिन अब कक्षा 9 से 12 तक की छात्राओं को भी पोषणयुक्त दूध और मिल्क बार उपलब्ध कराए जाएंगे।
वर्जन
छात्राओं के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री दूध उपहार योजना शुरू की जा रही है। इससे किशोरियों में कुपोषण की समस्या दूर होगी और उनके शारीरिक विकास में सुधार आएगा। योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं।-अली अहमद, जिला इंचार्ज, मिड-डे मील।