रेवाड़ी। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर विभिन्न संगठनों, राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों ने शोक जताया है। लोगों ने देश की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ करने में डॉ. मनमोहन सिंह के योगदान को याद किया। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने डॉ. मनमोहन सिंह के निधन को भारतीय राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 से 2014 तक दस वर्ष तक प्रधानमंत्री रहे डॉक्टर मनमोहन सिंह ने गरीबों के हित में क्रांतिकारी कदम उठाए। आर्थिक सुधारों में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। डाॅ. मनमोहन सिंह 15 साल की आयु में परिवार के साथ एक विस्थापित नागरिक के रूप में आज के पंजाब आए थे। एक साधारण परिवार की पृष्ठभूमि वाले भारत के डॉक्टर मनमोहन सिंह जी ने अपनी प्रतिभा के बल पर न केवल उच्च शिक्षा हासिल की बल्कि मेहनत व योग्यता के बल पर दुनिया के सर्वश्रेष्ठ अर्थशास्त्रियों में अपना नाम दर्ज करवाया। संवाद