गुजरात के कच्छ क्षेत्र में पाई जाने वाली ग्रेटर फ्लेमिंगो बर्ड राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-8 स्थित मसानी बैराज में देखी गई हैं। अपने कलर संयोजन व साइज में काफी बड़ी ये बर्ड यहां से गुजरने वाले यात्रियों व आसपास के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। वर्ष 2018 में इसी तरह की बर्ड झज्जर, रोहतक के साथ सुल्तानपुर झील पर पहुंची थी। वन विभाग के अधिकारियों की माने तो करीब 15 बर्ड का एक जत्था उड़ते हुए यहां पर पानी देखकर रुका हुआ है।
वन अधिकारियों के अनुसार यह बर्ड देखने में बेहद सुंदर होती है। साइज भी काफी बड़ा होता है, गर्दन की लंबाई भी देखने लायक है। इस बर्ड का जीवन 60-70 साल होता है। कच्छ क्षेत्र से इनकी संख्या ज्यादा पाई जाती है। वहां से उड़कर ये पानी वाले स्थानों पर रुक जाती हैं। इस बार मसानी बैराज में पानी देखकर रुक गई हैं।
-इसी माह सिंचाई विभाग की ओर से झील में छोड़ा जा सकता है पानी
प्रदेश सरकार की ओर से साबी नदी पर बनी मसानी बैराज पर एक झील बनाई गई है। बीते मानसून सीजन में यहां पर जवाहर लाल नेहरू कैनाल के माध्यम से तीन माह तक पानी छोड़ा गया था। पर्यटन बढ़ाने के उद्ेश्य के चलते इस झील पर बोटिंग से लेकर वाइड लाइफ विकसित करने पर काम चल रहा है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार अगस्त माह में पानी सरप्लस होने की उम्मीद है। इसके बाद इस पानी को मसानी बैराज में छोड़ा जाएगा।
देखने में बेहद सुंदर है फ्लेमिंगो बर्ड : डीएफओ
डीएफओ सुंदरलाल ने कहा कि बीते दिनों करीब 15 फ्लेमिंगो बर्ड का एक जत्था मसानी बैराज पहुंचा था। देखने में बेहद सुंदर होने के चलते यह आकर्षण का केंद्र है। जैसे-जैसी झील में पानी बढ़ेगा अन्य प्रकार की बर्ड भी यहां पर पहुंचनी शुरू हो जाएंगी। डीएफओ ने बताया कि ये बर्ड कच्छ में पाई जाती है। वहीं से उड़कर ही यहां पर पहुंची हैं। बीते साल झज्जर व रोहतक में भी ये बर्ड पहुंची थी।