फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसान आंदोलन में पांच गांवों ने पहुंचाया 80 मण आटा व 40 हजार रुपये

विज्ञापन
रेवाड़ी। खेड़ा बोर्डर पर धरने पर बैठे किसान। - फोटो : Rewari
विज्ञापन
रेवाड़ी/बावल। कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली-जयपुर हाइवे पर चल रहा किसानों का आंदोलन फिर से जोरों पर है। 13 दिसंबर से शुक्रवार को खेड़ा बॉर्डर पर चल रहे धरने पर समर्थन देने के लिए राजस्थान सरकार में श्रम मंत्री टीकाराम जूली से लेकर पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री भंवर जितेंद्र सिंह व विधायक दीपचंद खेरिया पहुंचे। इतना ही नहीं बावल क्षेत्र के (पचगई) पांच गांवों के ग्रामीणों ने करीब 80 मण आटा और 40 हजार रुपए की अन्य सामान की खाद्य सामग्री धरना स्थल पर पहुंचाई। इसके साथ ही काफी संख्या में सैकड़ों किसान धरनास्थल पर भी पहुंचे। वहीं दूसरी तरफ संयुक्त किसान मोर्चा के 6 फरवरी को देशभर में चक्का जाम की तैयारी भी पूरी कर ली गई है। इधर रेवाड़ी-रोहतक हाइवे एनएच-352 पर गंगायचा टोल प्लाजा पर भी चक्का जाम किया जाएगा।
विज्ञापन

-सरकार तानाशाही रवैया छोड़कर किसानों की मांगे माने
जयसिंहपुर खेड़ा बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों का समर्थन करते हुए राजस्थान के श्रम मंत्री टीकाराम जूली ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पारित किए गए तीनों कृषि कानूनों को सरकार को वापस लेना चाहिए। तीन माह से किसान कड़ाके की ठंड और बरसात में सड़कों पर बैठे है। केंद्र सरकार को हठधर्मिता छोड़कर किसानों की बात माननी चाहिए। वहीं अलवर के पूर्व सांसद व पूर्व केन्द्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह ने कहा कि अन्नदाता को इस हाल में छोड़कर तानाशाही रवैया अपनाना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि 6 फरवरी को किसानों द्वारा चक्का जाम में कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ खड़ी है।
-पचगई के ग्रामीण खाद्य सामग्री लेकर पहुंचे
बावल क्षेत्र के पचगई यानि पांच गांव टीकला, पनवाड़, प्राणपुरा, किशनपुरा व राणौली के काफी संख्या में किसान वीरवार को ट्रैक्टरों में सवार होकर जयसिंहपुर खेड़ा बॉर्डर स्थित धरना स्थल पर पहुंचे। इस दौरान किसान अपने साथ 80 मण आटा और ट्रैक्टरों में अन्य जरूरी सामान लेकर पहुंचे। पचगई के प्रधान प्रभूराम व पूर्व सरपंच सूंडाराम ने कहा कि वह किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े है। जब तक सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती इस आंदोलन में इसी तरह बढ़ चढ़कर भाग लेते रहेंगे।
विज्ञापन

-आज फाइनल होगी चक्का जाम की रणनीति
लंबे समय से आंदोलन कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने 6 फरवरी को चक्का जाम ऐलान किया हुआ है। इसको लेकर रणनीति बनाई जा रही है। गंगायचा टोल प्लाजा पर शांतिपूर्ण तरीके से चक्का जाम का ऐलान हो चुका है। अन्य स्थानों पर किस तरह के हालात रहेंगे यह शुक्रवार को तय हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें