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Rewari News: सफाई पर हर वर्ष खर्च होते हैं पांच लाख, फिर भी नहर में अटा कूड़ा

Thu, 28 Mar 2024 10:28 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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रेवाड़ी। जवाहर लाल नेहरू (जेएलएन) की सफाई पर हर वर्ष पांच लाख रुपये खर्च किए जाते हैं। इसके बाद भी नहर में कूड़ा पड़ा रहता है। नहर को निरंतर साफ रखने की दिशा में कोई ठोक कदम नहीं उठाने और कार्रवाई नहीं किए जाने की वजह से लोग बेखौफ होकर नहर में कूड़ा फेंकते हैं। इसकी वजह से पानी प्रदूषित होता है।
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नहर में दिल्ली रोड स्थित सिंचाई विभाग के पंप के पास और पटौदी रोड पर सबसे अधिक कूड़ा फेंका जा रहा है। लोग आते-जाते समय नहर में कूड़ा डालकर चले जाते हैं जिससे पानी दूषित हो रहा है। एनजीटी के नियमों के मुताबिक नहर में कूड़ा या कचरा फेंकना अपराध है और ऐसा करने पर जुर्माना व सजा का भी प्रावधान है। इसके बाद भी लोग नहर में कूड़ा फेंक रहे हैं। जिला प्रशासन की ओर से भी पिछले कुछ वर्षों में नहर में कूड़ा फेंकने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
दिल्ली रोड स्थित जेएलएन नहर के पंप हाउस के पास कई कॉलोनियां हैं जिनमें हजारों लोग रहते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक सुबह ड्यूटी जाते वक्त कुछ लोग नहर में ही कूड़ा डालकर चले जाते हैं जिससे नहर का पानी दूषित हो रहा है। अगर नहर के आसपास ही कूड़ादान लगाया होता तो लोग उसमें कूड़ा डालते लेकिन ऐसी व्यवस्था नहीं है। राकेश, रामपाल ने बताया कि कूड़ा डालने के बाद लोगों को लगता है कि उन्हें कूड़े से छुटकारा मिल गया, लेकिन उन्हें पता नहीं कि इससे पर्यावरण प्रदूषित कर रहा है।
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प्रशासन के संज्ञान में है मामला, फिर भी कार्रवाई नहीं
नहर में लोग लंबे समय से कूड़ा डाल रहे हैं। सामाजिक संगठनों, समाजसेवियों व आम लोगों ने इस समस्या से जिला प्रशासन को कई बार अवगत कराया लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। यहां तक कि प्रशासन की ओर से नहर के पास संकेत बोर्ड तक नहीं लगाया गया है। संकेत बोर्ड के माध्यम से लोगों को यह बताना जरूरी है कि नहर में कूड़ा डालना अपराध है और ऐसा करने पर कार्रवाई हो सकती है।
हर व्यक्ति को जागरूक होना होगा
सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कूड़ा-कचरा से नहर दूषित न हो, इसके लिए हर व्यक्ति को जागरूक होना होगा। व्यक्ति पहले कूड़ा डालने से खुद को रोके और इसके बाद दूसरों को भी समझाने का प्रयास करे। जिला प्रशासन को संकेत बोर्ड लगाने होंगे और नहर में कूड़ा फेंकने वालों पर जुर्माना करना होगा। इसके साथ ही नगर परिषद को वहां आसपास कचरा पात्र की व्यवस्था करनी होगी, ताकि लोग आते-जाते समय कचरा-पात्र में कचरा डाल सकें। इसके लिए सिंचाई विभाग और नगर परिषद को मिलकर प्लानिंग करनी होगी, ताकि नहर को दूषित होने से बचाया जा सके।

वर्जन
पंप हाउस में आने वाले कूड़े को निकलवाया जाता है। नहर में कूड़ा नहीं डालने की अपील लोगों से की जाती है, इसके बाद भी लोग नहीं मानते हैं। अब जल्द ही एक बोर्ड लगवाया जाएगा जिसमें नहर में कूड़ा फेंकने पर विभागीय कार्रवाई की जानकारी दी जाएगी।- जगराम, जेई, सिंचाई विभाग रेवाड़ी।
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वर्जन
पिछले वर्ष जेएलएन नहर की सफाई पर 5 लाख रुपये खर्च हुए थे। इस बार भी नहर में खाद की मात्रा जांची जाएगी। जांच में खाद की मात्रा 3 फीट से ज्यादा होती है तो फिर से जून या जुलाई में सफाई करा दी जाएगी। लोग नहर में कूड़ा न डालने पाएं, इसके लिए नहर के दोनों तरफ ट्रैक बैरियर लगाए जाएंगे। - संदीप कुमार, जेई, सिंचाई विभाग रेवाड़ी।
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