संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। मत्स्य पुनर्वास एवं संरक्षण (रैंचिंग) कार्यक्रम के तहत मत्स्य विभाग की ओर से वीरवार को एसडीएम सुरेश कुमार की उपस्थिति में मसानी बैराज में मछली बीज छोड़े गए। इस दौरान एसडीएम ने ग्रामीणों व मत्स्य पालकों की समस्याएं सुनीं और समाधान का आश्वासन दिया।
एसडीएम ने कहा कि मछली पालन आमदनी का महत्वपूर्ण साधन है। इसके साथ यह जलाशयों के सदुपयोग का अच्छा माध्यम है। सरकार की सोच है कि मत्स्य पालन के साथ-साथ मछली संरक्षण को बढ़ावा दिया जाए, जिसके लिए सरकार द्वारा रैंचिंग कार्यक्रम की शुरुआत की गई है।
मछली संसाधनों का उचित प्रबंधन के साथ-साथ मछलियों की संख्या बढ़ाना और किसान की आजीविका को सुरक्षित रखना है। रैंचिंग एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें मछलियों को प्राकृत जल (नदियों या तालाबों में) छोड़ा जाता है, ताकि उनकी आबादी को बढ़ाया जा सके। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मछली प्रजातियों के संरक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा देना है।
मछली पालन कम लागत में ज्यादा मुनाफे का साधन है। सुरेश कुमार ने कहा कि सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं जिसमें प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना प्रमुख है। इसके तहत अनुदान भी दिया जा रहा है ताकि मत्स्य पालकों की आमदनी को बढ़ाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
जिला मत्स्य अधिकारी धर्मेन्द्र सिंह ने कहा कि किसान मत्स्य पालन करके अपनी आय को बढ़ा सकते है। मत्स्य पालन से संबंधित अधिक जानकारी के लिए जिला मत्स्य अधिकारी के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।