रेवाड़ी। भारतीय सेना ने सोमवार को रेवाड़ी से वाहनों और उपकरणों से लदी सैन्य ट्रेन को ले जाकर सफल परीक्षण किया। इसके बाद सेना की जरूरत का सामान भी पाकिस्तान की सीमा तक जल्दी भेजना संभव हो जाएगा। सोमवार को ट्रायल के तौर पर मिलेट्री ट्रेन न्यू रेवाड़ी स्टेशन से न्यू फुलेरा स्टेशन के लिए रवाना हुई।
बता दें कि पश्चिम डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) संकट के समय सामरिक जरूरत भी पूरी करेगा। इस कॉरिडोर के जरिए केवल सामान की आवाजाही ही सुगम नहीं होगी, बल्कि सेना की जरूरत का सामान भी पाकिस्तान की सीमा तक जल्दी भेजना संभव हो जाएगा। सोमवार को सेेना की ओर से इसका ट्रायल किया। मिलेट्री ट्रेन न्यू रेवाड़ी स्टेशन से न्यू फुलेरा स्टेशन के लिए रवाना हुई। डीएफसी का न्यू रेवाड़ी-न्यू फुलेरा खंड उसी 306 किमी लंबे न्यू रेवाड़ी-न्यू मदार खंड का हिस्सा है। जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी वर्ष 11 जनवरी को वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से राष्ट्र को समर्पित किया था।
डीएफसी (समर्पित माल गलियारा) ट्रैक पर कंटेनर ट्रेनों की गति सामान्य से तीन से चार गुना अधिक है। ऐसे में इस ट्रैक पर मिलिट्री ट्रेनों का आवाजाही का समय भी कम हो जाएगा। संकट के समय यही रफ्तार देश के लिए मददगार बनेगी। मालवाहक ट्रेन में रखी तोप दूर से ही नजर आ रही थी। तोप व अन्य सामरिक महत्व के उपकरण देखकर लोग रोमांचित हुए।