छात्राओं को जागरूक करते प्रोफेसर अमित भोरिया। स्रोत : कॉलेज
धारूहेड़ा। गुरावड़ा स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक कल्याण और संकट की स्थिति में समय पर सहायता लेने के प्रति जागरूक करना रहा।
मनोविज्ञान के सहायक प्रोफेसर अमित भोरिया ने विद्यार्थियों को मानसिक तनाव, भावनात्मक परेशानियों और अवसाद से जुड़े संभावित संकेतों के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि मानसिक परेशानी महसूस होने पर परिवार, मित्रों, शिक्षकों या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से समय रहते बातचीत करना जरूरी है। किसी व्यक्ति के व्यवहार में अचानक बदलाव दिखाई देने पर उसे गंभीरता से लेते हुए उचित सहायता उपलब्ध करवाने की जरूरत है।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुशील दत्त ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से तनावपूर्ण परिस्थितियों में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने और परेशानी होने पर बिना झिझक सहायता लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में डॉ. नीरज, डॉ. भारती यादव, सुमित कुमार, डॉ. रवि सहित महाविद्यालय के अन्य शिक्षक एवं गैर-शिक्षक कर्मचारी मौजूद रहे। व्याख्यान में विद्यार्थियों को समय पर संवाद, संवेदनशीलता और उचित सहायता के महत्व के बारे में बताया गया।