कार्यक्रम में एक मंच पर आए शिक्षक। स्रोत : विवि
रेवाड़ी। इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय मीरपुर के महिला अध्ययन केंद्र की ओर से छात्राओं के लिए साइबर सुरक्षा महिलाओं के अधिकार एवं सुरक्षा विषय पर जागरूकता व्याख्यान आयोजित किया गया। इसमें 50 से अधिक छात्राओं ने भाग लिया। इसमें साइबर अपराध से बचाव की जानकारी दी गई।
कुलपति प्रो. असीम मिगलानी ने कहा कि डिजिटल युग में तकनीक का सही ज्ञान और सुरक्षित उपयोग ही वास्तविक सशक्तीकरण है। डिजिटल रूप से जागरूक छात्राएं बिना भय अपनी क्षमताओं का उपयोग कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का महिला अध्ययन केंद्र छात्राओं को सुरक्षित, आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्य वक्ता प्रो. सविता श्योराण ने छात्राओं को वित्तीय धोखाधड़ी, ओटीपी के जरिये ठगी, साइबर पीछा करने, फर्जी सामाजिक माध्यम खातों और ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग जैसे खतरों की जानकारी दी।
उन्होंने व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से दो-स्तरीय सुरक्षा सक्रिय करने, मजबूत कूटशब्द बनाने और गोपनीयता संबंधी सेटिंग की जांच करने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध का शिकार होने पर घबराने या चुप रहने के बजाय तुरंत शिकायत करें और उपलब्ध साक्ष्यों को सुरक्षित रखें।
केंद्र की निदेशक डॉ. मंजु पुरी ने कुलपति और कुलसचिव प्रो. दिलबाग सिंह का आभार जताया। इस अवसर पर डॉ. कविता, डॉ. कुसुम यादव, डॉ. संगीता, डॉ. शकुंतला सहित अन्य मौजूद रहे।