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100,200... दोगे या फिर फीस माफ कराओगे.

Sun, 29 May 2016 12:53 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला
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अभिभावकों की लाचारी की बोली लगाई - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में शनिवार को अभिभावकों की लाचारी की बोली लगाई गई। एडिड स्कूलों संचालकों ने शिक्षा अधिकारी के सामने ही अभिभावकों से कहा कि बताओ 100,200... दोगे या फिर फीस माफ करनी है। गौरतलब है कि दो दर्जन से अधिक अभिभावकों ने एडिड स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वसूलने एवं फीस की रसीद नहीं देने की शिकायत सीएम विंडो पर की हुई थी।
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इसी संदर्भ में रविवार को डीईईओ रामपाल सांगवान ने जिले के सभी एडिड स्कूलों के प्रिंसिपल एवं शिकायतकर्ता अभिभावकों को कार्यालय में बुलाया हुआ था। अभिभावकों की शिकायत पर जहां शिक्षा विभाग की ओर से कार्रवाई करनी चाहिए थी, वहीं विभाग ने उल्टे कार्यायल में अपने ही सामने नियमों को तार-तार होने दिया। हालांकि लाचार अभिभावकों ने बाद में स्कूल संचालकों से फीस पर समझौता कर लिया।

संघी का बास निवासी अभिभावक वीना, पुष्पा, किरण, लक्ष्मण एवं सुमन ने बताया कि रविवार को डीईईओ ने उन्हें यहां पर बुलाया था। उन्होंने कहा कि उन्होंने सीएम विंडो पर पूरी फीस माफ करने की मांग की थी, लेकिन यहां पर संचालक उनकी बेबसी की खिल्ली उड़ाने में लगे हुए थे।
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उन्होंने कहा कि फीस माफ नहीं हुई फिर भी 200-300 रूपये की राहत मिलने पर थोडा संतोष जरूर है। आम आदमी पार्टी के रेवाड़ी संयोजक संजय शर्मा ने कहा कि नियम के तहत एडिड स्कूल कक्षा एक से लेकर आठ तक फीस नहीं ले जाने का प्रावधान है। शनिवार को भी डीईईओ को अपने स्तर पर फीस कम या माफ करवानी चाहिए थी, संचालकों का अभिभावकों के साथ रवैया ठीक नहीं था।

 महिला अभिभावक आई बेबस नजर
शहर के सभी मोहल्लों से अधिकतर महिलाएं अभिभावक डीईईओ कार्यालय अपनी शिकायतों को लेकर पहुंची थी। लेकिन एडिड स्कूल संचालकों के के रवैये के कारण महिलाएं बेबस नजर आ रही थी, इधर शिक्षा अधिकारी की चुप्पी भी काफी कुछ बयान कर रही थी।  संचालक महिलाओं से पूछ रहे थे कि बताओ तुम्हारी हैसियत कितनी है। इस पर महिलाओं के पास कुछ जवाब नहीं थी, क्योंकि सम्मान उनके लिए भी बड़ी चीज है। संचालक अभिभावकों पर समझौता करने का दबाव बना रहे थे।

पिछले दो साल से अभिभावक कर रहे थे संघर्ष
एडिड स्कूलों की मनमानी को लेकर अभिभावक पिछले दो साल से मनमानी फीस वसूलने एवं फीस रसीद नहीं देने एवं नियम 158-ए को लागू नहीं करने के खिलाफ बीते दो वर्षों से संघर्ष कर रहे थे। डीईओ,एसडीएम एवं उपायुक्त को शिकायत देने पर भी जब कोई समाधान नहीं निकला तो अभिभावकों ने सीएम विंडो पर शिकायत लगाई।

एडिड स्कूल प्रिंसिपल बोले सरकार स्कूलों में ज्यादा अध्यापकों की पोस्ट की दे अनुमति
एडिड स्कूल के प्रिंसिपलों ने कहा कि सरकार की ओर से उनके स्कूलों में महज दो या चार पोस्ट सेकसंड की हुई हैं, जबकि स्कूलों में इससे कई गुणा अध्यापक सहित अन्य स्टॉफ है। उन्होंने कहा कि 75 फीसदी सहायता भी कक्षा-1 से दसवीं कक्षा तक ही दी जाती है। उन्होंने कहा कि बावजूद इसके उनके द्वारा बहुत कम फीस वसूली जाती है। उन्होंने कहा कि सरकार उनके यहां पर अध्यापकों की जरूरत के हिसाब से पोस्ट सेन्संड करे तो समाधान निकल सकता है।  स्कूल के खर्चे पूरा करने के लिए निजी स्कूलों की तुलना में बहुत कम फीस लेते हैं।
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वर्जन- एडिड स्कूलों के प्रिंसिपलों एवं अभिभावकों के बीच समझौता कराने के लिए उन्हें बुलाया गया था। बोली जैसी कोई बात नहीं है, यदि कोई भी स्कूल अभिभावकों की शिकायत को हल नहीं करेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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रामपाल सांगवान, डीईईओ
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