दुष्कर्म मामले में कोर्ट ने दोषियों को सुनाई सजा
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नाबालिग लड़की का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश लोकेश गुप्ता की अदालत ने युवक और उसके माता-पिता को दोषी करार दिया है। अदालत ने 20 साल कैद और 77 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। इसके अतिरिक्त एक अन्य युवक को भी अपहरण व पॉक्सो एक्ट में पांच साल कैद और छह हजार रुपये जुर्माना की सजा दी है। कोर्ट ने यूपी के जिला अलीगढ़ के गांव अतरौली निवासी हरी सिंह उसकी पत्नी राजवती व उसके बेटे मुकेश व नूंह के गांव पपड़वास निवासी राहुल उर्फ मोहम्मद रिजवान को सजा सुनाई है।
एसपी कार्यालय की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार जिले के एक गांव निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को बताया था कि 10 अक्तूबर 2020 को उनकी 17 वर्षीय नाबालिग बेटी घर से लापता हो गई। उसने गांव में जेसीबी पर काम करने वाले चालक राहुल उर्फ मोहम्मद रिजवान पर अपहरण करने का आरोप लगाया था, जिसने उनकी नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ भी की थी। संदेह था कि उनकी लड़की को रिजवान ले गया है। इस मामले में डीएसपी हेडक्वार्टर की अगुवाई में एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन करके आरोपी राहुल उर्फ रिजवान को गिरफ्तार कर लिया गया था।