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नाबालिग लड़की से अपहरण व दुष्कर्म मामला: फास्ट ट्रैक कोर्ट ने तीन दोषियों को सुनाई सजा, साल 2020 का मामला

Thu, 12 Feb 2026 06:11 PM IST
शाहिल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी

सार

पुलिस ने जांच के बाद अदालत में चार्जशीट दायर की थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अदालत में साक्ष्य प्रस्तुत किए और गवाहों के बयान भी दर्ज कराए।
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दुष्कर्म मामले में कोर्ट ने दोषियों को सुनाई सजा - फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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नाबालिग लड़की का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश लोकेश गुप्ता की अदालत ने युवक और उसके माता-पिता को दोषी करार दिया है। अदालत ने 20 साल कैद और 77 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। इसके अतिरिक्त एक अन्य युवक को भी अपहरण व पॉक्सो एक्ट में पांच साल कैद और छह हजार रुपये जुर्माना की सजा दी है। कोर्ट ने यूपी के जिला अलीगढ़ के गांव अतरौली निवासी हरी सिंह उसकी पत्नी राजवती व उसके बेटे मुकेश व नूंह के गांव पपड़वास निवासी राहुल उर्फ मोहम्मद रिजवान को सजा सुनाई है।

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एसपी कार्यालय की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार जिले के एक गांव निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को बताया था कि 10 अक्तूबर 2020 को उनकी 17 वर्षीय नाबालिग बेटी घर से लापता हो गई। उसने गांव में जेसीबी पर काम करने वाले चालक राहुल उर्फ मोहम्मद रिजवान पर अपहरण करने का आरोप लगाया था, जिसने उनकी नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ भी की थी। संदेह था कि उनकी लड़की को रिजवान ले गया है। इस मामले में डीएसपी हेडक्वार्टर की अगुवाई में एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन करके आरोपी राहुल उर्फ रिजवान को गिरफ्तार कर लिया गया था।

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आरोपी राहुल उर्फ रिजवान को पुलिस रिमांड पर भी लिया गया था, लेकिन लड़की का कोई सुराग नहीं लगा। फिर नाबालिग लड़की ने फोन पर अपने परिजनों से बात की तो पुलिस ने लड़की को बावल के गांव प्राणपुरा-पावटी के नजदीक खेतों से पकड़ा था। नाबालिग लड़की ने बताया था कि उसे हरी सिंह उसकी पत्नी राजवती व बेटे मुकेश ने बंधक बनाकर रखा हुआ था। उसने बताया कि मुकेश ने उससे कई बार दुष्कर्म भी किया था, जिसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।

पुलिस ने जांच के बाद अदालत में चार्जशीट दायर की थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अदालत में साक्ष्य प्रस्तुत किए और गवाहों के बयान भी दर्ज कराए। साक्ष्यों और सभी पहलुओं पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी मुकेश, उसके पिता हरी सिंह व मां राजवती को दोषी करार देते हुए 20 साल कैद और 77 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर दोषियों को 20 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अदालत ने चौथे आरोपी राहुल उर्फ मोहम्मद रिजवान को दोषी करार देते हुए पांच साल कैद और छह हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर दोषी को पांच माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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