फोटो: 8रेवाड़ी। खेत में उगी बाजरे की फसल। संवाद
रेवाड़ी। मौजूदा समय में किसान बारिश की राह देख रहे हैं, लेकिन बारिश नहीं हो रही है। इससे फसलों की सिंचाई करने में किसानों को काफी परेशानी हो रही है। कम बारिश होने से बाजरे और कपास की बिजाई पर भी असर पड़ा है। जिले में इस बार करीब 70 हजार हेक्टेयर में ही बाजरे की बिजाई की गई है। इसके अलावा कपास का रकबा 7 हजार हेक्टेयर ही पहुंचा है। जबकि पिछले वर्ष लगभग 9 हजार हेक्टेयर था।
बता दें कि जून में 40.31 एमएम ही बारिश हुई। जुलाई में भी 98.39 एमएम बारिश दर्ज की गई। जुलाई में 4-5 दिन ही बारिश हुई है। अभी तक 138.3 एमएम ही बारिश हुई। पिछले साल 550 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। पिछले वर्ष इन दो माह में 208.09 एमएम बारिश हो गई थी। पिछले वर्ष अब तक एक तिहाई बरसात हो गई थी।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि 8 अगस्त तक मानसून में सक्रियता की संभावना है। इसके बाद अगला मानसून डिप्रेशन 17 अगस्त के बाद ही बंगाल की खाड़ी के ऊपर बन सकता है। ऐसे में उमस भरी चिपचिपी गर्मी से लोगों को परेशान होना पड़ सकता है। यदि बारिश होती है तो काफी हद तक लोगों को गर्मी से भी राहत मिलेगी।
वर्जन:
किसान फसल की निगरानी करते रहें। कोई रोग दिखाई दे तो नजदीकी कृषि विशेषज्ञ से संपर्क किया जा सकता है।- डॉ. अनिल कुमार, कृषि अधिकारी