संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। हरियाणा मैनेजमेंट एंड एग्रीकल्चर एक्सटेंशन ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (हमेटी) जींद की ओर से तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन माॅडल टाउन में किया गया। इसमें 55 किसानों ने प्राकृतिक खेती की तकनीक की जानकारी ली।
आयोजक डॉ. जोगिंद्र सिंह यादव रहे। कृषि विभाग से खंड कृषि अधिकारी डॉ. अनिल यादव ने प्राकृतिक खेती की उपयोगिता बताई। किसानों को प्राकृतिक खेती से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
डॉ. जोगिंद्र यादव ने बताया कि हमेटी द्वारा प्रदेशभर में ऐसे तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि रासायनिक खेती छोड़कर प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों को उचित मार्गदर्शन मिल सके।
उन्होंने कहा कि महिला किसानों को भी किचन गार्डन लगाने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिससे घर तक ताजी और हरी सब्जियां पहुंच सकें और परिवार स्वस्थ रह सके। साथ ही प्रशिक्षण के माध्यम से खेती में आने वाली समस्याओं और उनके समाधान की जानकारी भी दी जा रही है।
क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. सतजीत ने प्राकृतिक खेती में जीवामृत, घनजीवमृत एवं अन्य प्राकृतिक खेती में उपयोगी आदानों की तैयार करने व उपयोग करने का तरीका एवं इनके प्रयोग से फसलों में होने वाले लाभ के बारे में विस्तार से बताया।
डॉ. जय नाथ पटेल ने प्राकृतिक खेती में मृदा स्वास्थ्य को सबसे महत्वपूर्ण बताते हुए हरी खाद के प्रयोग पर जोर दिया। उन्होंने मिट्टी और पानी की जांच के लिए नमूने लेने की सही विधि बताई और किसानों को मृदा संरक्षण पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. अनिल लांबा ने प्राकृतिक खेती से संबंधित कृषि विभाग की विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी, ताकि किसान इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकें।