रेवाड़ी। उपायुक्त अशोक कुमार गर्ग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फसल अवशेष प्रबंधन का बेहतर क्रियान्वयन हो, इसके लिए किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक करते हुए उन्हें कृषि यंत्रों के माध्यम से फसल अवशेषों का प्रबंधन करने के लिए प्रेरित करें।
वे कृषि एवं किसान कल्याण विभाग हरियाणा की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा की वीडियो कॉन्फ्रेंस के उपरांत अधिकारियों के साथ बैठक कर फसल अवशेष प्रबंधन, भूमि रिकॉर्ड अपडेशन, गिरदावरी आदि के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे थे।
डीसी ने कहा कि जिन किसानों का मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर किसी कारणवश पंजीकरण नहीं हो सका है, उनके लिए सरकार ने मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल को 24 सितंबर 2022 तक पुन: खोल दिया है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों का मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण नहीं हो सका था, वह शीघ्र अपना पंजीकरण करवा लें।
डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फसल अवशेष जलाने के मामले को लेकर संवेदनशील और अति संवेदनशील गांवो पर विशेष निगरानी रखी जाएं। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारियों का वाहटस ऐप ग्रुप बनाकर संबंधित उच्च अधिकारियों के अलावा उस क्षेत्र के ग्राम सचिवों व पटवारियों को भी शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को फसल अवशेष नहीं जलाने व पराली प्रबंधन के फायदों के बारे में अधिक से अधिक जागरूक किया जाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी गांव में पराली जलाने की घटना न हो। उन्होंने यह भी कहा कि पराली जलाने की घटनाओं को रोकने व इससे फैलने वाले प्रदूषण के बारे में स्कूलो में विद्यार्थियों को भी जागरूक किया जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि गिरदावरी व मौके पर खेतों में खड़ी फसल के मिसमैच को इसी सप्ताह में ठीक कर लें ताकि किसानों को धान की फसल बेचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो और इस कार्य में राजस्व विभाग के अधिकारी एवं पटवारी अपना पूरा सहयोग दे।
इस अवसर पर एडीसी स्वप्निल रवीन्द्र पाटिल, एसडीएम बावल संजीव कुमार, एसडीएम कोसली जयप्रकाश, जिला राजस्व अधिकारी राकेश कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।