रेवाड़ी। डीसी अभिषेक मीणा ने किसानों से खेतों में पराली नहीं जलाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसान पराली न जलाकर पर्यावरण को स्वच्छ बना सकते हैं।
डीसी ने कहा कि वायु प्रदूषण से सांस, फेफड़ों से संबंधित बीमारियां तो होती ही हैं और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। खेतों में आग लगाने से हवा में प्रदूषण के छोटे-छोटे कणों से पीएम 2.5 का स्तर अत्यधिक बढ़ जाता है। इससे सिरदर्द एवं सांस लेने में तकलीफ होती है। साथ ही मिट्टी की उर्वर क्षमता नष्ट होती है। ऐसे में किसान पराली नहीं जलाएं।
डीसी ने बताया पराली जलाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उल्लंघन करने वालों पर आईपीसी की धारा 188 के तहत छह माह की जेल व 30 हजार रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों हो सकते है।