रेवाड़ी। दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित खेड़ा बॉर्डर चल रहा किसानों का धरना बुुधवार को 177वें दिन भी जारी रहा। बढ़ते पारा के साथ ही धरना स्थल पर दोपहर की बजाए शाम को किसानों की संख्या दिखाई देने लगी है। धरनास्थल पर युवा किसानों की समूह चर्चा का दौर शुरू किया गया है, जिसमें बुजुर्गों के अलावा युवा किसानों से आगामी रणनीति के बारे में चर्चा की जाती है।
बता दें कि दिल्ली कूच करते समय हरियाणा पुलिस ने राजस्थान के किसानों को दिल्ली-जयपुर स्थित खेड़ा बॉर्डर पर रोक दिया था। उसके बाद से राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों के किसानों से यहीं पर अपना पड़ाव डाल दिया। हाईवे बंद होने से आसपास के संपर्क सड़कों से निकलने वाले मालवाहक वाहनों के कारण सड़कों की जर्जर हालत हो गई है।
बुधवार को राजस्थान के किसान नेता रणजीत सिंह राजू, राजाराम मील, डॉ. संजय माधव व चौधरी ईश्वर सिंह महलावत ने कहा कि तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पारा अपने चरम पर पहुंच गया है, लेकिन किसानों के हौसले कम नहीं होंगे। कड़ाके की ठंड हो या फिर झुलसाने वाली गर्मी किसान शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन को जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अपनी जिद व झूठी शान के कारण तीनों कृषि कानूनों को रद्द नहीं कर रही है, लेकिन अब देश का किसान केंद्र सरकार की असलियत को जान चुका है। ये तीनों कृषि कानून देश के किसानों को बर्बाद करने वाले हैं, इसलिए केंद्र सरकार को बिना समय गवांए इन्हें रद्द कर देना चाहिए। देश का किसान मजबूती के साथ खड़ा हुआ है। यहीं कारण है कि देश के इतिहास में पहली बार कोई आंदोलन इतना लंबा चला है, लेकिन केंद्र सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। इस अवसर पर अन्य किसान मौजूद रहे।