फोटो : 1ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए पहुंची कृषि विभाग की टीम। स्रोत : विभाग
रेवाड़ी। जिले के 121 गांवों में किसानों की तरफ से इस बार धान की फसल बोई गई है और इन सभी गांवों में विभाग की ओर से नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
सहायक कृषि अभियंता इंजी. दिनेश शर्मा ने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत धान की कटाई के बाद किसान यदि फसल अवशेषों को मशीनों की सहायता से मिट्टी में मिलाते हैं तो उन्हें अब 1 हजार रुपये की जगह 1200 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।
इस लाभ को प्राप्त करने के लिए किसानों का मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे सुपर सीडर, रिवर्सिबल एमबी प्लॉ, जीरो टिल सीड ड्रिल, रोटावेटर और हैरो जैसी मशीनों का उपयोग कर धान के अवशेषों को मिट्टी में मिलाएं।
मशीन से अवशेष प्रबंधन करते समय जीपीएस लोकेशन सहित फोटो लेना आवश्यक है। इसके बाद नोडल अधिकारी एप के माध्यम से खेत का सत्यापन करेंगे।
दिनेश शर्मा ने बताया कि उप कृषि निदेशक जितेंद्र अहलावत के नेतृत्व में विभाग की टीम ने जाटूसाना और गोपालपुरगाजी में किसानों को इस योजना के बारे में जागरूक किया। किसानों को पराली न जलाने, मशीनों के रखरखाव और फसल अवशेष प्रबंधन के तरीकों की जानकारी दी गई।
अधिक जानकारी के लिए किसान खंड कृषि अधिकारी कार्यालय या सहायक कृषि अभियंता कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं और दूरभाष नंबर 01274-221045 पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।