बावल। भारतीय किसान यूनियन चढूनी एवं स्थानीय किसानों ने सोमवार को बावल औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एचएसआईआईडीसी कार्यालय के बाहर करीब तीन घंटे तक धरना-प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की। इस दौरान किसानों ने 1 बजे निगम कार्यालय के मुख्य द्वार पर तालाबंदी की चेतावनी दी। इसके बाद मौके पर भारी पुलिस बल पहुंच गया। निगम के अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसानों ने धरना खत्म किया।
दिल्ली से नीमराना के लिए सरकार की ओर से प्रस्तावित मेट्रो परियोजना के लिए वर्ष 2017 में हाईवे के साथ लगते करीब 20 गांवों के ग्रामीणों की भूमि को अधिग्रहण कर ली गई, लेकिन किसानों मुआवजें के नाम पर राशि नहीं दी गई। जबकि किसानों द्वारा कई बार संबंधित अधिकारियों के पास चक्कर काटे जा चुके हैं। इसके बाद भी किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है। किसानों ने करीब एक सप्ताह पूर्व भी निगम के अधिकारियों को चेतावनी दी थी कि जल्द समाधान नहीं कराया गया तो 16 जनवरी से आंदोलन किया जाएगा।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत भारतीय किसान यूनियन चढूनी के जिला अध्यक्ष समय सिंह के नेतृत्व में किसान सुबह करीब 11 बजे एचएसआईआईडीसी के कार्यालय पहुंच गए तथा प्रदर्शन कर धरना शुरू कर दिया। इसके बाद किसानों ने एक बजे कार्यालय को ताला जड़ने की चेतावनी दी। किसानों की चेतावनी के बाद कसौला थाना पुलिस भारी संख्या में पहुंच गई। प्रशासन की ओर से बावल के नायब तहसीलदार भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद एचएसआईआईडीसी के अधिकारी ने किसानों को आश्वासन दिया कि 26 जनवरी से पहले किसानों के प्रतिनिधि मंडल को निगम के पंचकूला के अधिकारियों के साथ बैठक कराकर समास्या का सामधान करा देंगे। इसके बाद किसानों ने धरना खत्म किया। इस अवसर पर देशराज, जगदीश, रामेश्वर दयाल, राजसिंह ढिल्लो, अशोक कुमार रोझूवास सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
भूमि के पानी की हो चुकी जांच
मेट्रो के विस्तार के लिए कार्य करने वाली एजेंसी की ओर से हाईवे के साथ अधिग्रहित भूमि के पानी की करीब एक साल पूर्व जांच की जा चुकी है। दिल्ली से राजस्थान के नीमराना तक प्रस्तावित मेट्रो परियोजना के लिए रेवाड़ी जिला में 10 स्थानों पर स्टेशन भी प्रस्तावित है।