संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। एक पखवाड़े में दो बार बारिश होने के कारण सरसों की फसल में ज्यादा नमी आ गई है। इसके चलते मंडी में नमी के कारण सरसों की खरीद नहीं हो रही है। शनिवार को फसल लेकर मंडी में पहुंचे किसानों की सरसों में 15 प्रतिशत की नमी पाई गई थी। किसानों से सरसों सुखाकर लाने का सुझाव दिया गया है ताकि उन्हें परेशानी न हो।
रविवार को अवकाश होने के कारण खरीद नहीं हुई। सोमवार को मंडी में किसानों की भीड़ देखने को मिलेगी। एक दिन में एक किसान 25 क्विंटल सरसों बेच सकेगा। किसानों को गेट पास 25 क्विंटल सरसों का ही जारी होगा। गेट पास कटवाने के लिए किसानों को फसल पंजीकरण कागज, पंजीकृत किसान का आधार कार्ड, बैंक की कॉपी की एक-एक कॉपी लेकर आनी होगी। अब अगर कोई किसान तय मात्रा से ज्यादा सरसों लेकर आ गया तो बाकी सरसों अगले दिन या फिर दूसरी जगह ही बिक्री करनी पड़ेगी। वहीं सरसों की सरकारी समर्थन मूल्य पर बिक्री के लिए मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण जरूरी है। इस बार लगभग 55 हजार किसानों ने 1.73 लाख एकड़ भूमि पर सरसों की फसल का पोर्टल पर पंजीकरण कराया है।
हैफेड डीएम प्रवीण शर्मा का कहना है हमारी खरीद के लिए पूरी तैयारी है। अभी बरसात से सरसों भीग गई है। इसलिए अभी नमी भी अधिक है। इसलिए किसान बिक्री करने में जल्दबाजी न करें। किसान अपनी सरसों की फसल को सुखाकर और साफ करके लाएं, ताकि उनको बिक्री के लिए मंडी में किसी प्रकार की दिक्कत न उठानी पड़े। सरसों में नमी की मात्रा 8 प्रतिशत से कम होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरसों की खरीद निर्धारित मानकों से ही की जाएगी। हैफेड की ओर से नैफेड के लिए मार्केटिंग सोसाइटी के माध्यम से सरसों की खरीद की जा रही है।