रेवाड़ी। भारतीय किसान यूनियन चढूनी की टीम ने बारिश से सरसों की फसल को पहुंचे नुकसान को लेकर एसडीएम सुरेश कुमार व भाजपा नेता सतीश खोला को ज्ञापन सौंपकर मुआवजे की मांग की है। चेतावनी दी कि यदि जल्द सर्वे कराकर नुकसान की भरपाई नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा।
जिला प्रधान समय सिंह ने बताया कि किसान अपनी सरसों बेचने के लिए अनाज मंडी पहुंचे थे लेकिन बुधवार शाम करीब 5 बजे के बाद तेज बारिश शुरू हो गई। अचानक हुई बारिश से मंडी में रखा सरसों का बड़ा हिस्सा पानी में बह गया और भींग कर खराब हो गया।
उन्होंने बताया कि करीब 600 से 800 क्विंटल सरसों को नुकसान हुआ है। इससे परेशान किसान अपनी फसल वापस घर ले जाने को मजबूर हो गए। किसान यूनियन ने मांग की है कि प्रशासन जल्द से जल्द एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाकर नुकसान का सर्वे कराए, जिसमें यूनियन का प्रतिनिधिमंडल भी शामिल किया जाए।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो 23 मार्च को पिपली (कुरुक्षेत्र) में होने वाली बड़ी रैली में का मुद्दा उठाया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार व प्रशासन की होगी। इस दौरान जिला महिला प्रधान मुन्नी बूढ़पुर, कार्यकारिणी प्रधान राजेंद्र कुमार गेरा, जिला महासचिव अभय सिंह चिहड़, वेद सुल्तानिया, रोशन लाल दरोगा, सरिता एडवोकेट मौजूद रहे।
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50 फीसदी सरसों की कटाई बाकी, झड़ गई फसल
रेवाड़ी। अभी करीब 50 प्रतिशत सरसों की कटाई बाकी है। बारिश के कारण सरसों झड़ गई जबकि गेहूं की फसल भी जमीन पर गिर गई। कई गांवों में ओलावृष्टि से भारी नुकसान हुआ है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ा है। किसानों के अनुसार गिरदावरी कराकर जल्द उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही आढ़तियों के नुकसान की भी भरपाई की जाए। उनका कहना है कि इस बारिश से न केवल मंडी में नुकसान हुआ है बल्कि खेतों में खड़ी फसल भी प्रभावित हुई है।