जिले में मंगलवार व बुधवार को हुई ओलावृष्टि से कई जगह सरसों की अगेती फसल खराब हो गई है। बृहस्पतिवार को गांव मस्तापुर के किसान खराब हुई फसल लेकर लघु सचिवालय पहुंचे।
उन्होंने उपायुक्त की अनुपस्थिति में एडीसी सुल्तान सिंह घोसवाल को ज्ञापन सौंपते हुए मुआवजे की मांग की। हालांकि एडीसी ने कहा कि जल्द ही गिरदावरी कराई जाएगी।
किसानों ने कहा कि वे रविवार को क्षेत्र के विधायक एंव सहकारिता राज्य मंत्री बिक्रम सिंह से भी कोसली में मिलेंगे। किसानों ने आरोप लगाया कि अभी तक किसी जनप्रतिनिधि ने उनकी सुध नहीं ली है।
किसान महावीर, शेरसिंह, प्रभाती, बीर सिंह, पवन कुमार, ब्रह्मप्रकाश, सुमेर सिंह, कृष्ण कुमार, लाल सिंह, हमीर सिंह, सदाराम ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी कुछ गांवों में जरूर गए,लेकिन उनके गांव तक कोई नहीं पहुंचा। फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। गांव के करीब 70 फीसदी लोग फसल पर ही निर्भर है।
अभी तक उनका हजारों रुपये खर्च हो चुका है। सरसों बिजाई का समय निकल चुका है। ऐसे में अब उन्हें कुछ समय बाद गेहूं और जौ की ही बिजाई करनी पड़ेगी।
इन फसलों की सरसों के मुकाबले बाजार में कीमत भी कम है। एक तरफ नुकसान हो गया तो दूसरी तरफ आय भी कम होगी। ऐसे में सरकार उन्हें उचित मुआवजा दे ताकि वे अपना परिवार चला सके। गांव में शतप्रतिशत फसल खराब हो गई है।
पिछली बार भी नहीं हुई गिरदावरी
किसानों ने कहा कि पिछली फसल में भी उनके साथ ऐसा ही हुआ है। आसपास के गांवों में ओलावृष्टि के बाद गिरदवारी हो गई और किसानों को मुआवजा भी मिला, लेकिन उनके गांव में नुकसान होने के बावजूद गिरदावरी तक नहीं कराई गई। ऐसे में उस वक्त भी उन्हें मुआवजे से वंचित कर दिया गया।
वर्जन..
जहां भी ओले की सूचना है, वहां गिरदावरी कराई जाएगी। इसके बाद रिपोर्ट सरकार को भेज देंगे।
डॉ यश गर्ग, उपायुक्त