भारतीय किसान संघ के सदस्यों ने शनिवार को नई अनाज मंडी में हैफेड द्वारा की जा रही सरकारी खरीद को लेकर हंगामा कर दिया। सदस्यों का कहना है कि हैफेड अधिकारी फड़ पर पड़ी 100 ढेरी मेें से केवल दो ढेरी की ही खरीदे कर रहे हैं। ऐसे में अन्य किसानों को ओपन बोली में सस्ते दामों में अपनी सरसों बेची। हैफेड अधिकारियों का कहना है कि सरकार के तय मानकों के अनुसार सरसों का एक-एक दाना खरीदा जा रहा है। शनिवार को कुल 175 बैग (लगभग 85 क्विंटल) सरसों की सरकारी खरीद हुई।
मार्केट सचिव से मिले किसान
संघ सदस्य और किसान हंगामे के बाद मार्केट कमेटी सचिव सत्यप्रकाश से मिलने पहुंचे। सचिव से शिकायत में किसानों ने कहा कि हैफेड टीम सूखी सरसों की ढेरी की भी खरीद नहीं कर रही है। कमेटी सचिव ने किसानों को भरोसा दिलाया कि तय मानकों के आधार पर खरा बैठने वाली सरसों की खरीद की जा रही है और आगे भी पूर्ण रूप से की जाएगी।
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वर्जन
हैफेड की तरफ से तय मानकों के अनुसार नियमित रूप से सरसों की खरीद की जा रही है। हम किसानों के सामने मशीन से सरसों की जांच करके दिखा रहे हैं, ताकि कोई सवाल नहीं उठाए। शनिवार को 175 बैग सरसों के एमपीएस रेट 3700 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदे हैं। - वीरेंद्र सिंह, प्रबंधक, हैफेड