कृषि विधेयक के खिलाफ अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति की अगुवाई में विभिन्न किसान संगठनों की ओर से शहर की नई अनाज मंडी में धरना देने के बाद सड़कों पर प्रदर्शन करतेे हुए जिला सचिवालय पहुंचकर ज्ञापन दिया गया। भारत बंद के ऐलान का रेवाड़ी में कोई असर देखने को नहीं मिला। शहर के साथ-साथ कोसली, धारूहेड़ा व बावल में भी दुकानें पहले ही तरह खुली रही। किसान प्रदर्शन करते हुए जिला सचिवालय पहुंचे और यहां राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के नाम एडीसी राहुल हुड्डा को ज्ञापन सौंपकर तीनों विधेयकों पर हस्ताक्षर नहीं करने की गुहार लगाई गई।
बता दें कि हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा किसानों को आजादी दिलाने के मकसद से लाये गए तीन अध्यादेश राज्यसभा व लोकसभा में पास हुए हैं। इन तीनों ही विधेयकों को किसानों के खिलाफ बताते हुए विपक्षी पार्टी और किसान संगठन लगातार सरकार पर इन विधेयकों को वापस लेने का दबाव मना रहे हैं। इसी कड़ी में किसान संगठन ने शुक्रवार को भारत बंद का ऐलान किया था। बंद को देखते हुए जिला प्रशासन ने तो पहले से ही पूरी तैयारी की हुई थी, लेकिन इसका असर देखने को नहीं मिला।
लगातार चलेगा किसानों का प्रदर्शन
शुक्रवार सुबह किसान संगठनों के आह्वान पर नई अनाज मंडी में किसान एकत्रित होने शुरू हुए। दोपहर 12 बजे तक किसानों की संख्या 50 ही हुई। उसके बाद बढ़कर करीब 100 किसान एकत्रित हुए होंगे। किसानों को संबोधित करते हुए प्रो. अनिरुद्ध, एडवोकेट कामरेड राजेंद्र सिंह, डॉ. पूनम, सत्यवान आदि ने कृषि अध्यादेशों को किसानों को बर्बाद करने वाला बिल बताते हुए केन्द्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार किसानों को बर्बाद करने पर तुली हुई है। रेलवे, हवाई जहाज व अन्य सरकारी तंत्र के निजीकरण की तर्ज पर अब सरकार ने किसानों को कुछ बड़े बिजनेसमैनों के हाथों की कटपूतली बनाने की कोशिश की है, लेकिन देश और प्रदेश का किसान इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि मंडी और एमएसपी को खत्म करने की चाल है। यह किसानों के साथ सदी का सबसे बड़ा धोखा है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने ये तीनों बिल वापस नहीं लिए तो इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन करने वाले संगठनों में अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति, भारतीय किसान यूनियन(चढूनी), भारतीय किसान संघ, ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन सहित अन्य संगठन मौजूद रहे। इस दौरान किसान नेता समय सिंह व धर्मपाल सहित अनेक मौजूद रहे।
किसानों से ज्यादा पुलिस फोर्स तैनात रही
किसानों के आंदोलन को देखते हुए शुक्रवार सुबह से ही शहर में पुलिस फोर्स तैनात की गई थी। खासकर जिला सचिवालय के आसपास तो भारी संख्या में पुलिस के जवानों को तैनात किया गया था। इसके अलावा खुफिया विभाग के जवान भी पल-पल पर नजर गड़ाये हुए थे। दोपहर करीब डेढ़ बजे किसान प्रदर्शन करते हुए सचिवालय पर पहुंचे, यहां पुलिस ने पहले से ही बैरिकेट्स लगाए हुए थे।