कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित खेड़ा बार्डर पिछले 29 दिनों से धरना पर बैठे किसानों को हाईवे से हटाने की मांग को लेकर सोमवार को जिला पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन ने डीसी यशेंद्र सिंह व पुलिस अधीक्षक अभिषेक जोरवाल से मुलाकात कर हाईवे खुलवाने की मांग की है। पेट्रोलियम एसोसिएशन ने हाईवे नहीं खुलने पर बुधवार से जिले के सभी 200 से अधिक पेट्रोल पंप बंद कर हड़ताल करने की चेतावनी दी है। बता दें कि हरियाणा राजस्थान सीमा के खेड़ा बॉर्डर से लेकर धारूहेड़ा के मसानी बैराज तक 120 पेट्रोल पंप, 200 ढाबे व दो हजार से अधिक छोटी दुकानें बंद हैं। एक पेट्रोल पंप पर करीब 30 व होटल पर 50 कर्मचारी काम करते हैं। ऐसे में केवल ढाबे व पेट्रोल पंप पर ही 13600 कर्मचारी कार्यरत हैं। वहीं परचून, पंचर सहित करीब दो हजार दुकानों पर भी 10 हजार से अधिक लोग काम कर रहे हैं। ऐसे में 13 दिसंबर से लेकर अब तक करीब 23600 कर्मचारी फ्री बैठे हुए हैं। संचालकों का कहना है कि पहले कोरोना और अब आंदोलन के चलते कर्मचारियों को तनख्वाह कैसे दे पाएंगे।
सरकारी राजस्व को भी 638 करोड़ से अधिक का नुकसान
एसोसिएशन के अनुसार दिल्ली-जयपुर हाईवे पर सबसे अधिक डीजल बिक्री का काम होता है। औसतन एक पेट्रोल पंप से प्रत्येक दिन 50 हजार लीटर पेट्रोल की बिक्री होती है। ऐसे में प्रत्येक दिन करीब 120 पेट्रोप पंप से 60 लाख लीटर डीजल बेचा जाता है। एक लीटर पर सरकार के पास करीब 37 रुपये का टैक्स जाता है। ऐसे में एक दिन में ही सरकार के पास हाईवे के इन पेट्रोल पंप से करीब 22 करोड़ रुपये जा रहे थे। 29 दिन में यह नुकसान 638 करोड़ रुपये पर पहुंच चुका है। वहीं ढाबों व अन्य नुकसान भी जोड़ दिया जाए तो यह एक हजार करोड़ से ज्यादा का है।
रविवार को आंदोलित किसानों के बीच वार्ता रही थी विफल
खेड़ा बॉर्डर पर ही रविवार को 30 से अधिक गांवों के लोगों ने पंचायत कर हाईवे खुलवाने की मांग की थी। बैठक में आंदोलित किसानों केे मुखिया भी पहुंचे थे, लेकिन उन्होंने ग्रामीणों के पाले में गेंद डालते हुए कहा था कि हरियाणा पुलिस से बैरिकेड हटवा दें तो वे दिल्ली के लिए कूच कर जाएंगे। क्योंकि पुलिस ने ही हाईवे पर बैरिकेड लगाकर किसानों को रोका हुआ है। बता दें कि आंदोलनकारी किसान खेड़ा बॉर्डर पर राजस्थान सीमा में बैठे हुए हैं। यहां पर राजस्थान सरकार की ओर से किसानों की सुरक्षा के लिए पुलिस बल बढ़ा दिया गया था। सोमवार को भी किसानों की सुरक्षा में पुलिस बल तैनात रहा।
खेड़ा व मसानी बैराज पर बैठे हुए हैं किसान
राजस्थान के अनेक जिलों से हजारों की संख्या में किसान खेड़ा बॉर्डर पर बैठे हुए हैं। हरियाणा पुलिस ने बैरिकेड लगाकर हाईवे बंद किया हुआ है। वहीं कुछ दिनों पहले कुछ किसान बैरिकेड तोड़ते हुए दिल्ली की ओर कूच कर गए थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें मसानी बैराज पर रोक दिया था। इसके चलते ही मसानी बैराज से लेकर खेड़ा बॉर्डर तक हाईवे पूरी तरह से बंद है। इसके चलते उद्योगों से लेकर अन्य लोगों पर इसका असर पड़ रहा है।
जिले के बाद प्रदेश स्तर पर भी कर सकते हैं हड़ताल
पेट्रोलियम एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि वह हाईवे खोलने के लिए किसान नेताओं से भी बात कर चुके हैं, लेकिन उनकी ओर से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है। डीसी व पुलिस अधीक्षक ने एसोसिएशन से एक दिन का समय मांगा है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि यदि समाधान नहीं होता है तो वह भी कड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे। पहले जिला स्तर पर हड़ताल की जाएगी तथा उसके बाद प्रदेश स्तर पर पेट्रोल पंपों की हड़ताल करने का कदम भी उठाया जा सकता है। इस अवसर पर एसोसिएशन के प्रधान अनिल कुमार, ब्लॉक समिति चेयरमैन विरेंद्र छिल्लर, दिनेश सरपंच, अश्वनी यादव, डॉ. रविंद्र मलिक, ईश्वर सिंह, धर्मबीर सिंह व रामकिशन सहित अन्य पेट्रोल पंप संचालक मौजूद रहे।
हमें किसानों के आंदोलन से कोई परेशानी नहीं है। हाईवे पर 20 हजार से अधिक लोगों की रोजी-रोटी पर संकट बना हुआ है। ऐसे में प्रशासन व सरकार को जल्द से जल्द हाईवे को खुलवाना चाहिए।
अनिल कुमार, प्रधान, पेट्रोल पंप एसोसिएशन, रेवाड़ी